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Maharajganj News: निजी पैथोलॉजी में जेब ढीली कर रहे मरीज, वर्षों से धूल फांक रही अल्ट्रासाउंड मशीन

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नौतनवा को 16 और परतावल सीएचसी को डेढ़ साल पहले मिली थी अल्ट्रासाउंड मशीन

रेडियोलॉजिस्ट की कमी बनी बाधा, नियुक्ति नहीं होने के कारण धूल फांक रही मशीन
महराजगंज। नौतनवा में 16 और परतावल सीएचसी में डेढ़ वर्षों से अल्ट्रासाउंड मशीन धूल फांक रही है। रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति नहीं होने से दोनों सीएचसी में वर्षों से मशीनें धूल फांक रही हैं। मरीजों को मजबूरी में निजी पैथोलॉजी में जेब ढीली करनी पड़ रही है।
जानकारी के अनुसार, नौतनवा सीएचसी में करीब 16 वर्ष पूर्व अल्ट्रासाउंड मशीन लगाई गई थी लेकिन रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं होने के कारण मशीन का संचालन शुरू नहीं हो सका। लंबे समय से मशीन अस्पताल में रखी हुई है। अस्पताल में प्रतिदिन करीब आठ से दस मरीज ऐसे पहुंचते हैं जिन्हें चिकित्सक अल्ट्रासाउंड जांच की सलाह देते हैं। जांच की सुविधा अस्पताल में उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को निजी जांच केंद्रों पर जाना पड़ता है।
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मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में एक रुपये की पर्ची पर इलाज और अन्य सुविधाएं मिलती हैं। यदि अल्ट्रासाउंड जांच भी यहीं शुरू हो जाए तो मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। इससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को सबसे अधिक राहत मिलेगी।
वहीं परतावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब डेढ़ साल पहले अल्ट्रासाउंड मशीन पहुंची थी। यहां भी अब तक मशीन का संचालन शुरू नहीं हो सका है। सीएचसी की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 150 से 200 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें 30 से अधिक मरीजों को चिकित्सक अल्ट्रासाउंड जांच की सलाह देते हैं। अस्पताल में सुविधा नहीं होने से इन मरीजों को निजी जांच केंद्रों का रुख करना पड़ता है। जांच के नाम पर उन्हें अतिरिक्त धनराशि खर्च करनी पड़ती है। दूसरी तरफ लाखों की मशीन बेकार पड़ी हैं।
स्पीकअप
सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन धूल फांक रही है। यदि इसका संचालन शुरू कर दिया जाए तो मरीजों को एक रुपये की पर्ची पर इलाज के साथ जांच की सुविधा भी मिल सकेगी। निजी केंद्रों पर मोटी रकम खर्च करने से मरीजों को राहत मिलेगी।
देवेंद्र शर्मा, श्यामदेउरवा
अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन शुरू होने से क्षेत्र के मरीजों को काफी सुविधा होगी। लोगों को जांच कराने के लिए निजी केंद्रों तक नहीं जाना पड़ेगा और सीएचसी पर ही जांच के साथ उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
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- ध्यानचंद्र दूबे, मोहम्मदपुर
वर्जन

रेडियोलॉजिस्ट की कमी के कारण दोनों अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड मशीनों का संचालन नहीं हो पा रहा है। जल्द ही अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिलाकर मशीनों का संचालन शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
- डॉ. सुरेंद्र चौधरी, सीएमओ, महराजगंज
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