पडरौना। जिले में धान की अच्छी पैदावार होने के बाद भी धान खरीद की गति अपेक्षा से काफी सुस्त है। 80 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष सात एजेंसियों ने अपने 72 क्रय केंद्रों के माध्यम से अब तक सिर्फ 17,500 मीट्रिक टन ही धान खरीदा है। धान खरीद एजेंसियों की यह उपलब्धि निर्धारित लक्ष्य का एक चौथाई भी नहीं है।
मौजूदा सत्र 2017-18 में धान खरीद के लिए सात एजेंसियां नामित की गई हैं। खाद्य विभाग की तरफ से 14, पीसीएफ के 41, यूपी एग्रो का एक, यूपीपीसीयू के आठ, कर्मचारी कल्याण निगम के तीन, एनसीसीएफ के चार और भारतीय खाद्य निगम के एक क्रय केंद्र सहित कुल 72 धान खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन सभी केंद्रों को मिला कर कुल 80 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित है।
एक नवंबर से लेकर 23 दिसंबर तक 17.500 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुुकी है। पिछले साल 2016-17 में धान की पैदावार अच्छी न होने की वजह से एक नवंबर से 28 फरवरी तक सिर्फ 16 हजार मीट्रिक टन ही धान खरीद हो पाई थी। पिछले वित्तीय वर्ष में धान खरीद का लक्ष्य 74080 मीट्रिक टन था। किसानों को समर्थन मूल्य 1470 रुपये प्रति क्विंटल दिया गया था। यही नहीं इस वर्ष किसानों को धान का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 1550 रुपये प्रति क्विंटल दिया जा रहा है।राइस मिलें चावल की अच्छी गुणवत्ता के लिए लगाई जाती हैं। इनमें चावल कम टूटता है तथा हर साइज का चावल अलग-अलग हो जाता है। फाजिलनगर और कप्तानगंज में सॉटेक्स राइस मिले थीं, लेकिन इस सत्र में कप्तानगंज और हाटा में एक-एक सॉटेक्स राइस मिलें लग गई हैं। छोटी-बड़ी मिलाकर जिले में अभी 38 राइस मिलें हैं। डिप्टी आरएमओ निश्चल आनंद का कहना है कि वर्ष 2016-17 में पूरे सत्र में 16 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी। धान खरीद के लिए अभी दो महीना शेष है।