मोटर दुर्घटना के 135 मामलों में 7.71 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई गई
बैंकों ने 892 ऋण मामलों का निस्तारण कर 11.95 करोड़ रुपये की छूट दी
महराजगंज। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को सभी तहसील न्यायालय परिसरों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जनपद न्यायाधीश अरविंद मलिक की अध्यक्षता में आयोजित लोक अदालत का शुभारंभ शनिवार को सुबह 10 बजे सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ।
राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 58,290 वादों का निस्तारण किया गया। इनमें कुल 17.88 करोड़ रुपये की समझौता राशि वसूल अथवा अर्थदंड लगाया गया। जनपद न्यायाधीश अरविन्द मलिक ने स्वयं 94 वादों का निस्तारण किया।
मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण में 135 मामलों का निस्तारण करते हुए पीड़ितों को 7.71 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई गई। परिवार न्यायालय में 57 वैवाहिक वादों का समाधान हुआ। स्थायी लोक अदालत ने चार मामलों का निस्तारण कर 22 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 466, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 316, अपर सिविल जज कोर्ट संख्या-1 ने 243, अपर सिविल जज कोर्ट संख्या-3 ने 182, फरेन्दा न्यायालयों ने क्रमश: 338 और 383 वादों का निस्तारण किया। ग्राम न्यायालय नौतनवा में 41 तथा निचलौल में 302 मामलों का समाधान किया गया।
वहीं राजस्व और चकबंदी न्यायालयों में 53,874 लंबित व प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण किया गया। बैंकों की ओर से ऋण वसूली से संबंधित 892 प्री-लिटिगेशन मामलों का समाधान हुआ। बैंकों ने 2.85 करोड़ रुपये नकद वसूल, 8.95 करोड़ रुपये का ऋण सेटल किया। साथ ही ऋणधारकों को 11.95 करोड़ रुपये की छूट प्रदान की गई। इससे ऋणधारकों को बड़ी राहत मिली।
इस दौरान न्यायिक अधिकारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी, बैंकों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में वादकारी मौजूद रहे।