घुघली। बिजली निगम की लापरवाही के चलते घुघली उपनगर में खुले में रखे ट्रांसफाॅर्मरों से स्थानीय निवासियों की सुरक्षा दांव पर है। लगभग 12 हजार की आबादी वाले इस उपनगर में विद्युत व्यवस्था सुधारने के नाम पर लगे ट्रांसफाॅर्मर खुले में होने से कभी भी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। घुघली उपनगर में 17 ट्रांसफाॅर्मर लगे हैं, जिनमें से 10 टाउन एरिया में और सात टाॅवर क्षेत्र में हैं। इनमें तीन ट्रांसफाॅर्मर खुले में रखे हैं, जो राहगीरों और निवासियों के लिए घातक हो सकते हैं। पहला ट्रांसफाॅर्मर रेलवे ढाले के पूर्वी हिस्से में लगाए गए हैं, जो बरसात के मौसम में पानी की चपेट में आने का खतरा झेल रहा है। यदि कोई व्यक्ति अनजाने में उसके संपर्क में आ गया, तो करंट से जान जा सकती है।
इसी तरह दूसरा ट्रांसफाॅर्मर बैकुंठी घाट रोड पर सुभाष चौक के पास है। यहां रोजाना सैकड़ों राहगीर आ-जा रहे हैं, और खुले तारों से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। तीसरा ट्रांसफॉर्मर घुघली-कप्तानगंज रोड पर है, जो व्यस्त मार्ग होने के कारण और भी खतरनाक स्थिति में है। इन ट्रांसफाॅर्मरों को कवर नहीं किया गया है, जिससे बच्चे, बुजुर्ग या पशु-पक्षी भी खतरे में हैं। टाउन एरिया में जर्जर और पुराने ट्रांसफॉर्मरों से विद्युत आपूर्ति की जा रही है, जो अक्सर ओवरलोड हो जाते हैं। इससे न केवल बिजली कटौती की समस्या उत्पन्न होती है, बल्कि विस्फोट या आग लगने का भी डर है। स्थानीय निवासी केशव जायसवाल ने कहा कि खुले में रखे ट्रांसफाॅर्मर हमारे लिए दुर्घटना का कारण बने हैं। निगम के अफसरों को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, वरना कोई अनहोनी हो जाएगी। मनोज सिंह ने बताया कि राहगीरों को रोज खतरा महसूस होता है। बरसात में तो हालत और खराब हो जाती है। मुन्ना यादव, आकाश जयसवाल, जाकिर हुसैन और निहाल सिंह जैसे अन्य निवासियों ने कहा कि बिजली निगम वर्षों से सुरक्षा को लेकर बेपरवाह बना है।
विद्युत अभियंता धर्मेंद्र भारद्वाज न बताया कि निगम हमेशा खुले ट्रांसफाॅर्मरों की नियमित देखरेख करता है।