महराजगंज। डीएम के निर्देश पर पिछले दिनों एआरटीओ कार्यालय में छापेमारी कर दलालों पर शिकंजा कसा गया, जिससे कार्यालय दलाल मुक्त होने लगा है। अब लोग लाइसेंस की प्रक्रिया में तेजी से फेल हो रहे हैं।
लोगों का कहना है कि पहले तो जहां से ऑनलाइन आवेदन करते थे। वही पूरी जिम्मेदारी लेकर लाइसेंस बनवा देता था, लेकिन अब कर्मी फाइलों में कमियां निकाल रहे हैं। 20 से 31 जुलाई तक 67 आवेदन कमियों के कारण निरस्त हो चुके हैं।
एआरटीओ कार्यालय में हुई छापेमारी व बाहरी लोगों का दखल रुकने से अब लोगों के आवेदन निरस्त भी किए जाने लगे हैं। लोगों का कहना है कि पहले वह खुद ही कार्यालय के बाहर बनी दुकानों में जाते थे और वह शुल्क लेकर लाइसेंस देने तक का पूरा ठेका ले लेते थे। इसके बाद लाइसेंस मिल जाता था। लोगों को किसी भी कागजी कार्रवाई के लिए परेशान नहीं होना पड़ता था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। पहले वाहन चलाने ट्रैक तक नहीं जाना पड़ता था, लेकिन महज 11 दिन में ही 27 आवेदक वाहन चलाने के टेस्ट में फेल हुए हैं।
आवेदक ऑनलाइन आवेदन करते हैं। कई बार गैरहाजिर होने की वजह से भी लाइसेंस जारी नहीं हो पाता। लाइसेंस देने से पहले परीक्षा ली जाती है। इसमें कई बार अभ्यर्थी फेल हो जाते हैं, जिसकी वजह से उनकी पुन: परीक्षा होती है। परिसर के बाहर की दुकानों को हटाने का आदेश दिया जा चुका है जिससे किसी बाहरी का दखल न रहने पाए।
-आरडी प्रसाद वर्मा, संभागीय निरीक्षक