महराजगंज। शहर के विस्तारित क्षेत्र चौपरिया में राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल बदहाल है। कहने के लिए यह 25 बेड का अस्पताल है। मौके पर एक भी बेड नहीं है। सब खराब हो चुका है। विभाग के कर्मियों का दावा है कि सभी दवाएं भरपूर हैं। मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज होता है।
जानकारी के अनुसार, राजकीय आयुर्वेद अस्पताल चौपरिया में भवन ठीक हालत में नहीं हैं। यहां पर दवाएं फर्श पर रखी मिलीं। आयुर्वेद अस्पताल में पांच कर्मी तैनात हैं। डॉ. कृष्णा साहनी, अरविंद कुमार पांडेय फार्मासिस्ट, कौशल किशोर यादव वार्ड ब्वाय, रमाशंकर यादव कुक, मनोज कुमार अंशकालिक सफाई कर्मी हैं।
फार्मासिस्ट अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि सिताबी देवी इलाज कराने आई थीं। इनकाे गैस की समस्या रही। दवा दी गई। परिसर में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं दिखी। दीवार में नमी होने के कारण दवाओं के खराब होने की संभावना रहती है। आलमारी तीन हैं, जिसमें जरूरी फाइलें और कागज रखे जाते हैं।
दवाएं गत्ते में आती हैं तो उन्हें दीवार के किनारे रख दिया जाता है। अस्पताल में कम मरीज आते हैं। गुजरे वक्त में मरीजों की संख्या अधिक रहती थी। गैस, कब्ज, खांसी से परेशान अधिकतर मरीज ही अस्पताल आते हैं।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक युनानी अधिकारी डॉ. हरेंद्र कुमार जयसवाल ने बताया कि अस्पताल निजी भवन में संचालित नहीं है। इसे ठीक कराने के लिए संबंधित विभाग से पत्राचार किया जाएगा। दवाएं पर्याप्त हैं। अस्पताल आने वाले सभी मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज किया जाता है। बेड की उपयोगिता नहीं होने के कारण इसे रखा नहीं गया है।