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Maharajganj News: एक करोड़ खर्च, फिर भी बांध अधूरा, बाढ़ आई तो मचेगी तबाही

Sat, 10 Jun 2023 01:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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नारायणी छितौनी बांध के पास अधूरे कनैक्टिंग बांध।संवाद
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तय समय में 50 मीटर संपर्क बांध का काम नहीं हुआ पूरा, दिसंबर 2022 में शुरू हुआ थाम काम
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। निचलौल क्षेत्र के नेपाल व नारायणी छितौनी बांध के बीच बन रहे संपर्क बांध पर एक करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। इसके बावजूद अधूरा है। जबकि संपर्क बांध बनाने के लिए तय मियाद भी पूरी हो चुकी है। भारत-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी पथलहवा बीओपी एवं सिंचाई भंडारण को सुरक्षित करने के लिए बांध बनाया जाना था। यदि बाढ़ आई तो तबाही मचनी तय है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नेपाल व नारायणी छितौनी बांध के बीच 560 मीटर लंबा, औसतन 4 मीटर ऊंचा और 5 मीटर चौड़ा संपर्क बांध का निर्माण एक करोड़ रुपये की लागत से कराया जान है। दिसंबर 2022 में काम शुरू हुआ था। इसे फरवरी 2023 में पूरा होना था। चार महीने का वक्त गुजर गया, लेकिन अधिकारियों को अधूरा काम नजर नहीं आ रहा है। करीब 50 मीटर बांध बना ही नहीं है। बांध निर्माण पर एक करोड़ रुपये खर्च भी हो चुके हैं। बरसात के दिनों में बाढ़ की आशंका को लेकर लोगों को चिंता सता रही है। बंधे के आसपास रहने वालों ने बताया कि बरसात के समय में जलभराव हो जाता था। संपर्क बांध बनने से समस्या दूर हो जाती, लेकिन अधूरे बांध से बरसात में तबाही मचेगी। लोगों का आरोप है कि कार्यदायी संस्था को शायद तेज बारिश होने का इंतजार है।
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25 गांवों के लोगों की बढ़ी चिंता
ग्रामीण सुरेंद्र, वकील, मुसाफिर आदि ने बताया कि नेपाल व नारायणी छितौनी बांध के बीच बन रहे संपर्क बांध से गेड़हवा, कनमिसवा, बहुआर कला, बहुआर खुर्द, बढ़या, गेठीहवा सहित 25 गांवों में बसे 60 हजार लोगों राहत मिलने की उम्मीद थी। बांध निर्माण में धांधली की गई है।

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बरसात के दिनों में नेपाल राष्ट्र के पहाड़ों पर बारिश से नारायणी नदी में बाढ़ आने से अएसएसबी पथलहवा बीओपी, सिंचाई विभाग के भंडारण गृह के अलावा 25 गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। फिर भी विभाग के जिम्मेदार निर्माण कार्य में शिथिलता बरत रहे हैं।
सुनील यादव, गोसाइपुर
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संपर्क बांध का निर्माण शुरू होते देख उम्मीद जगी थी कि अब बाढ़ से राहत मिलेगी, लेकिन बांध निर्माण में लापरवाही को देखकर यह उम्मीदें टूट चुकी है। बाढ़ आई तो समस्या बढ़ जाएगी। गांवों वालों को फिर नुक्सान उठाना पड़ेगा।
प्रेमलाल चौहान, गोसाइपुर
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बांध का निर्माण मानक के अनुरूप करते हुए बांध के तटों पर पिचिंग, रोड में अलावा तमाम कार्य को करना है। विभाग के जिम्मेदारों की उदासीनता का फायदा उठाते हुए ठेकेदार ने मिट्टी से बांध को ऊंपा करते कुछ दूर पिचिंग का कार्य कर छोड़ दिया।
दिनेश शर्मा, गेडहवां
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सिंचाई विभाग के जिम्मेदार बांध का निर्माण कराने में धांधली कर रहे हैं। क्योंकि बांध पर मिट्टी का कार्य पूरा करने के अलावा कोई भी कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से नहीं किया गया है। ऐसे में बांध पानी के दबाव को ज्यादा देर तक रोक नहीं पाएगा।
नरसिंह, कनमिसवां
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कोट
बांध निर्माण में महज कुछ दूर पिचिंग का कार्य अधूरा है। संबंधित ठेकेदार से जल्द पूरा कराने के लिए कहा गया है। निर्माण में गुणवत्ता का पूरा ख्याल रखा गया है। बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं।
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रविंद्र यादव, अवर अभियंता, सिंचाई विभाग
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फोटो
नाली पर ढक्कन लगाए बगैर काम कर दिया पूरा
महराजगंज। झरही नदी बाईपास रोड का किनारा दरकने लगा है। दो वर्ष पहले बनी टू लेन सड़क की गुणवत्ता की कलई खुलने लगी है। लोग कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग के निर्माण कार्य पर प्रश्न उठने लगे हैं। नाली का काम आधा अधूरा है। बिना ढक्कन लगाए छोड़ दिया गया है। ठूठीबारी कस्बे के अंदर जाम की समस्या से निजात के लिए 20 दिसंबर 2021 में झरही नदी से नो मैंस लैंड तक करीब चार करोड़ रुपये की लागत से 850 मीटर बाईपास का निर्माण कराया गया। कस्बे के दिनेश रौनियार, धर्मेंद्र जायसवाल, लक्ष्मी चौधरी, राधेश्याम पांडेय, कुलदीप निगम ने बताया कि गुणवत्ता का ख्याल भी रखा जाना चाहिए। पहली बरसात के बाद से ही सड़क के किनारे टूटने लगे, नाली का पूरा काम किए बिना कार्यदायी संस्था कम छोड़ कर चली गई। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई है। संवाद
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