महराजगंज। जनपद के परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के साथ माध्यमिक स्कूल के विद्यार्थियों के लिए हर ब्लाॅक में एक-एक एस्ट्रोनोमी लैब की स्थापना होगी। इसके लिए मुख्य विकास अधिकारी ने पहल की है।
इच्छुक ग्राम पंचायत इसके लिए प्रस्ताव दे सकती हैं, साथ ही पंचायतीराज विभाग की मातृभूमि योजना के जरिये कोई भी व्यक्ति इसके निर्माण के लिए विभाग को प्रस्ताव दे सकता है। जनपद में 1705 परिषदीय और 278 माध्यमिक स्कूल संचालन में हैं, लेकिन लगभग 3.50 लाख विद्यार्थियों को खगोलीय दुनिया से परिचित कराने की कोई व्यवस्था नहीं है। इस बार महराजगंज महोत्सव में गोरखपुर तारामंडल के विज्ञानियों ने टेलीस्कोप के जरिए बच्चों को खगोलीय दुनिया से परिचित कराया जिसे देखने का उत्साह बच्चों में खूब दिखा।
उसी समय से मुख्य विकास अधिकारी एस्ट्रोनोमी लैब स्थापित करने के लिए खगोल दूत की भूमिका निभा रहे हैं। उनके ग्राम पंचायत स्तर पर कम खर्च पर लैब स्थापना के प्रयास को सफलता मिली है। स्पार्क एस्ट्रोनोमी के बारे में जानकारी मिलने से प्रयोगशाला निर्माण की रूपरेखा तय की गई है, जिससे काफी कम कीमत पर लैब स्थापना हो सकती है। निर्माण के लिए ग्राम पंचायतों को प्रस्ताव के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे शुरुआती चरण में हर ब्लाॅक में एक लैब स्थापित हो सके और बच्चों के खगोलीय दुनिया देखने की न सिर्फ ललक पूरी हो बल्कि वह सौर मंडल, आकाशगंगा, मून व स्टार की गतिविधियों से परिचित होकर खगोलीय रहस्यों को उजागर करने की तरफ कदम बढ़ा सकें।
पंचायतीराज विभाग की मातृभूमि योजना के तहत व्यक्ति विशेष भी बच्चों की मेधा विकसित करने के उद्देश्य से लैब निर्माण कराने का कार्य कर सकता है। इस योजना के जरिए लागत का 40 फीसदी धन सरकार देती है।
सस्ते लैब के लिए ख्यातिलब्ध है स्पार्क
स्पार्क एस्ट्रोनॉमी सस्ते रेट पर देश के ग्रामीण क्षेत्रों में लैब विकसित करती है। नीति आयोग के साथ भी इसका समझौता है। इसकी मदद से महज 3 से 5 लाख रुपये के भीतर खगोलीय लैब स्थापित कराई जाती है। दूरबीन, टेलीस्कोप इत्यादि की उपलब्धता के साथ डिजिटल माध्यम की खगोलीय कक्षा का संचालन भी करती है।
खगोल विज्ञान का क्षेत्र विस्तृत होने के साथ-साथ संभावनाओं से भरा हुआ है। इसकी प्रयोगशाला के जरिए बच्चों की रुचि खगोलीय घटनाओं के प्रति बढ़ेगी और वह इस क्षेत्र में भी कदम बढ़ा सकेंगे। ग्राम पंचायत स्तर पर इसका निर्माण पंचायतीराज मातृभूमि योजना या ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव पर हर ब्लाक में एक प्रयोगशाला स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर कार्य कर रही स्पार्क एस्ट्रोनॉमी के नवीन शर्मा से वार्ता की गई है।
-अनुराज जैन, मुख्य विकास अधिकारी, महराजगंज