महराजगंज। पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने सहित अन्य मांगों को समर्थन में कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। मंच के पदाधिकारियों ने सरकार पर वादे से मुकरने का आरोप लगाया। साथ ही चेतावनी दी कि मांगें अविलंब पूरी न होने पर बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
संगठन के जिलाध्यक्ष केशव मणि त्रिपाठी ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए पिछले साल अक्तूबर माह में हड़ताल प्रस्तावित था। हड़ताल की तिथि से दो दिन पहले मुख्यमंत्री से हुई वार्ता में दो माह का समय मांगा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने शिक्षकों व कर्मचारियों को धोखा दिया है। उनका कहना था कि अंग्रेजों के समय से ही सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों को सेवानिवृत्त होने के बाद पेंशन दिया जा रहा था, लेकिन सरकार की ओर से उसे बंद कर नई पेंशन व्यवस्था लागू कर दी गई। उनका कहना था कि यह कर्मचारियों के साथ अन्याय है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों के समर्थन में संगठन की तरफ से 28 जनवरी को शाम पांच बजे मशाल जुलूस निकाला जाएगा। संगठन के जिला संयोजक श्रीभागवत सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए बुढ़ापे की लाठी का सहारा थी। इसके लिए कर्मचारी व शिक्षक लंबे समय से पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने के लिए आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार द्वारा इस मांग पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। सत्येंद्र कुमार मिश्र ने चेतावनी दी कि सरकार की तरफ से पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो छह फरवरी से पूरे प्रदेश में कामकाज ठप कर हड़ताल किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कहा कि सरकार कर्मचारियों व शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। इस मौके पर मनउर अली, बैजनाथ सिंह, रामसुग्रीव वर्मा, आरपी चौधरी, केके दूबे, अभय दूबे, डॉक्टर गिरींद्र नाथ मिश्र, महेंद्र वर्मा, गोपाल पासवान, अरविंद गुप्ता, बृजभूषण पटेल, अखिलेश्वर त्रिपाठी, भोला गुप्ता, धनप्रकाश त्रिपाठी, सीता राम जायसवाल, धन्नू चौहान, देवेंद्र मिश्रा, राजकुमारी दूबे, संजय मणि त्रिपाठी, प्रद्युम्न सिंह, पारसनाथ, घनश्याम पांडेय आदि मौजूद रहे।