राम कटोरी, गुड़ लट्ठा वेज बिरयानी में रेस
सीडीओ व उपायुक्त उद्योग के निर्देशन में प्रक्रिया शुरू
महराजगंज। एक जनपद एक उत्पाद की तर्ज पर जनपद में ओडीओसी (एक जिला एक व्यंजन) का कांसेप्ट प्रभावी किया गया है। सीडीओ व उपायुक्त उद्योग के निर्देशन में प्रक्रिया शुरू हुई है। मंजूरी की बात करें तो राम कटोरी, गुड़ उत्पाद के साथ वेज विरयानी में रेस बताई जा रही है। 26 जनवरी से पहले प्रशासन किसी दो व्यंजनों का नाम चयन के लिए शासन को भेजने की तैयारी में है।
प्रदेश सरकार ने वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट की थीम पर एक जिला एक व्यंजन के कांसेप्ट का प्रावधान करते हुए जिले को पत्र जारी किया है। इसके तहत जिला प्रशासन एक प्रमुख व्यंजन चयन कर रिपोर्ट शासन को भेजेगा। शासन की तरफ से इसे मंजूरी देकर सूक्ष्म एवं लघु उद्योग में समाहित करते हुए उक्त व्यंजन को जीआई टैग, एफएसएसएआई प्रमाणीकरण, विपणन, पैकेजिंग के साथ बिक्री को बढ़ावा दिया जाएगा। इसमें ई-कामर्स कंपनियों को भी शासन की तरफ से जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी। जिससे उक्त व्यंजन की पहचान राज्य स्तर पर स्थापित की जा सके।
चार व्यंजन की सूची जनपद से तैयार
ओडीओसी के लिए प्राप्त निर्देश के तहत जिला प्रशासन ने चार खाद्य चयनित करते हुए सूचीबद्ध किया है। इसमें सबसे आगे राम कटोरी मिठाई है। यह मिठाई जनपद के सिर्फ एक ही दुकान पर तैयार होती है जो मिठौरा के रामचंद्र मोदनवाल की है। यह मिठाई अन्य जनपदों में भी बनती है लेकिन जिले की दुकान पर बनने वाली राम कटोरी ज्यादा चर्चित है। इसकी डिमांड इतनी है कि दुकानदार विदेशों तक पार्सल भेजते हैं। इसके अलावा गुड़ से तैयार लट्ठा व जलेबी को भी सूची में जगह मिली है। मीठा समोसा भी जिले में खासा स्वादिष्ट माना जाता और यह लौंगलत्ता की तरह स्वाद में होता है लेकिन इसका स्थानीय नाम सिंघाडा है। प्रशासन की सूची में वेज विरयानी को भी स्थान मिला है। जनपद में बनने वाली वेज बिरयानी बासमती चावल से नहीं बल्कि गोपाल भोग से तैयार होती है। इसमें शिमला मिर्च, पत्तागोभी, गाजर इस्तेमाल किया जाता है।
वर्जन
प्रशासन ने विशेष स्थानीय व्यंजनों की सूची तैयार की है। इसमें राम कटोरी, गुड़ प्रोडक्ट, वेज विरयानी व मीठा समोसा (सिंघाडा) का नाम शामिल है।
-अभिषेक प्रियदर्शी, उपायुक्त उद्योग।
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ओडीओसी के लिए रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। शुरुआती चरण में चार व्यंजन मिले हैं। इसमें से दो नाम शासन को भेजे जाने हैं। 26 जनवरी तक निर्धारण रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
-महेंद्र प्रताप सिंह, सीडीओ,