महराजगंज। जनपद के 12 ब्लाॅक के 377 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ प्लस गांव के लिए चयनित किया गया है। इन गांवों में शौचालय, स्वच्छता और सुंदरीकरण पर 18,94,20,025 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
खुले में शौच से मुक्ति (ओडीएफ प्लस) गांवों में सतही और भूमिगत नाली, सूखा और गीला कचरा निस्तारण के लिए खाद गड्ढे बनाए जाएंगे। पोखरों का सुंदरीकरण आदि काम कराए जाएंगे। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत चालू वित्त वर्ष 2024-25 में जिले में खुले शौंच से मुक्ति के लिए 377 गांवों का चयन किया गया है। इसके लिए शासन से 18,94,20,025 करोड़ रुपये अवमुक्त कर दिया गया है।
वित्त वर्ष 2022-23 में 98 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। इसके लिए शासन से 23,72,93,123 रुपये बजट आवंटित किया गया है। ग्राम पंचायतों में ओडीएफ प्लस गांव बनाने पर 21,47,26,280 करोड़ रुपये खर्च हुआ। जबकि अवशेष 2,25,66,843 रुपये रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में ओडीएफ प्लस गांव बनाने के लिए 407 गांवों का चयन किया गया। इसके लिए 31,14,89,045 करोड़ रुपये आवंटित किया गया, जिसमें 24,19,07,349 करोड़ रुपये अवशेष रहा।
जनपद के 12 ब्लाॅक के 882 ग्राम पंचायत हैं। शासन के मंशा के मुताबिक गांवों को ओडीएफ प्लस गांव बयाया जाएगा। हर वर्ष अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित कर ग्राम पंचायतों को माॅडल गांव बनाया जा रहा है, जिससे दूसरे गांव भी इसी राह पर चलने के लिए प्रेरित हों। गांवों में भूमिगत नाली, सूखा और गीला कचड़ा निस्तारण के लिए खाद गड्ढा बनाए जाएंगे।
कूड़ा, कचरा ढोने वाले वाहन सहित अन्य उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। गांव के निकट पोखरे का सुंदरीकरण भी कराया जाएगा। पोखरों के आसपास फलदार और छायादार वृक्ष लगाए जाएंगे। गांव के हर महिला और पुरुष को सामुदायिक शौचालय का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। खुले में शौच न जाने की सलाह दी जाएगी। इससे अन्य ब्लाॅकोें के गांवों के लोगों को खुले में शौच न जाने की सलाह दी जाएगी।
ओडीएफ प्लस गांव स्वच्छता की दिशा में एक ठोस पहल है। इसके अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। इसके सही क्रियान्वयन के लिए सभी का सहयोग लिया जा रहा है। अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में ओडीएफ प्लस के लिए 377 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है।
-श्रेया मिश्रा, डीपीआरओ