-अधिकतम 41 डिग्री व न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। तापमान बढ़ते ही सीने में दर्द और श्वास के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 40 से 50 मरीज पहुंच रहे हैं। अधिकांश अस्थमा से पीड़ित हैं। धूलभरी हवा चलने के कारण अस्थमा के मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। धूल के बारीक कण उन्हें सांस लेने में परेशानी पैदा करते हैं।
शरीर में एलर्जी की आशंका बढ़ जाती है। ठंडा पानी पीने से भी यह समस्या और बढ़ सकती है। ऐसे में मरीजों को सावधानी बरतनी चाहिए। डॉ. एवी त्रिपाठी ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ सीने में दर्द और श्वास के मरीजों की संख्या बढ़ी है। अस्पताल में रोजाना ऐसे 40 से 50 मरीज पहुंच रहे हैं।
चिकित्सकों मरीजों का उपचार कर बचाव की सलाह दे रहे हैं। सांस के मरीज बढ़ रहे हैं। इस मौसम में धूप और धूल से बचने का प्रयास करना चाहिए, क्योंकि धूल फेफड़ों तक पहुंचकर सांस लेने में तकलीफ देने लगती है। ओपीडी में आने वाले मरीजों को दवा के साथ बचाव के उपाय भी बताए जा रहे हैं। उधर, बुधवार को दिन में अधिकतम तापमान 41 डिग्री व न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्द्रता 12 प्रतिशत दर्ज की गई। 38 डिग्री सेंटीग्रेट गर्मी का अहसास हुआ। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं।
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महसूस होते हैं ये लक्षण
-सीने में दर्द और सांस लेने में दिक्कत होना।
-खांसी और बलगम की समस्या होना।
-थोड़ा काम करने पर ही सांस फूलना।
-सांस लेते समय सीटी बजने जैसी आवाज आना।