महराजगंज। जिले में पराली जलाने पर अब तक किसानों पर कार्रवाई हो रही थी लेकिन जिलाधिकारी ने सोमवार को लापरवाह अधिकारियों पर गाज गिराई है। पराली जलने के मामलों की समीक्षा के दौरान लापरवाह मिले चार एसडीएम, डीडीएजी, 12 थानेदार, छह ग्राम प्रधान को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही कृषि विभाग के 30 कर्मियों को चेतावनी दी गई है।
पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं पर जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिलेभर में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक कार्रवाई की। पराली प्रबंधन में लापरवाही और फील्ड स्तर पर निगरानी में कमी पाए जाने पर विभिन्न अधिकारियों, थानाध्यक्षों, ग्राम प्रधानों एवं कृषि विभाग के कार्मिकों पर एक साथ कई कार्रवाई की गई है।
जिलाधिकारी ने पराली रोकथाम की समीक्षा के दौरान पराली जलाने की घटनाओं में अपेक्षित कमी नहीं मिलने पर उपनिदेशक कृषि सहित चारों तहसीलों के उपजिलाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उपनिदेशक कृषि को भी विभागीय निगरानी व नियंत्रण तंत्र को प्रभावी बनाने के संदर्भ में कड़ा निर्देश देते हुए सभी कार्मिकों को फील्ड में सक्रिय करने का निर्देश दिया गया है।
कार्रवाई की जद में जनपद के 12 थाना प्रभारी भी आए हैं। श्यामदेउरवा, घुघली, सदर, कोठीभार, भिटौली, सिंदुरिया, पनियरा, चौक, निचलौल, नौतनवा, फरेंदा और बृजमनगंज थानों के थानाध्यक्षों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कृषि विभाग के 30 एटीएम, बीटीएम और प्राविधिक सहायकों को भी किसानों के बीच समुचित जागरूकता न फैलाने और फील्ड में उपस्थिति सुनिश्चित न करने पर चेतावनी जारी की गई है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि सभी कार्मिक अगले 24 घंटे के भीतर फील्ड में सक्रियता बढ़ाएं और पराली प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों को हर किसान तक पहुंचाएं।
पुलिस की जिम्मेदारी क्षेत्र में रोकथाम, गश्त और तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इसके प्रति उदासीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। डीपीआरओ श्रेया मिश्रा ने बताया कि नेता सुरुहुआ, पिपरदेउरा, बसंतपुर राजा, बागापार, लखिमा और दुबौली के ग्राम प्रधानों को पंचायत राज अधिनियम की धारा 95(1)(जी) के अंतर्गत नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया गया है। उक्त कार्रवाई पराली जलने की घटनाओं की पुनरावृत्ति होने पर किया गया है।