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अस्पतालों में महिला डॉक्टर ही नहीं

Mon, 08 May 2017 11:33 PM IST
महराजगंज/ अमर उजाला ब्यूरो
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महराजगंज जिला अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
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 जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल है। महिला डॉक्टरों की तैनात तमाम अस्पतालों में नहीं है जिससे महिलाओं को इलाज में परेशानी होती है। यही नहीं संसाधनों की कमी भी बेहतर इलाज के दावे को फेल कर दे रही है। सिसवा सीएचसी में महिला डॉक्टर की तैनाती नहीं है। वही निचलौल में भी महिला डॉक्टर के तैनाती की मांग को अनसुना कर दिया गया है। जिला अस्पताल में महिला चिकित्साधिकारी की तैनाती आज तक नहीं हो सकी है। एक संविदा और सीएमओ के वहां से अटैच महिला डॉक्टर के भरोसे जिला अस्पताल में महिलाओं का इलाज होता है। परतावल महिला अस्पताल में डॉक्टर की तैनात तो है लेकिन डॉक्टर को रात्री निवास न करने से इलाज में परेशानी होती है।            
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जिला चिकित्सालय में मौजूद संसाधनों के भरोसे स्वास्थ्य सुविधा दिया जा रहा है। लेकिन यहां की कमियों को पूरा करने के लिए किसी ने कारगर पहल नहीं की लिहाजा समस्या दूर नहीं हो पाई। जिला अस्पताल में महिला चिकित्साधिकारी की तैनाती नहीं है। पैथालाजिस्ट के दो पद है लेकिन कोई तैनात नहीं है। इएनटी विशेषज्ञ, कार्डियोलाजिस्ट, डेटिस्ट, रेडियोलाजिस्ट कोई नहीं है। यही नहीं गायनोलाजिस्ट के 6 पद सृजित हैं लेकिन अब तक किसी की तैनाती नहीं हुई है। अगर कोई गंभीर मर्ज होता है तो मेडिकल कॉलेज का ही रुख करना पड़ता है। बीते माह सदर विधायक ने जिला अस्पताल का जायजा लिया था। उन्हें अस्पताल में कमियों के बारे में जानकारी दी गई थी। अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सीएमएस डॉ. आरबी.राम कहते है कि अस्पताल आने वाले मरीजों का बेहतर इलाज करने का प्रयास जारी है। अगर रिक्त पडे़ पदों पर डॉक्टरों की तैनाती हो जाए तो समस्याओं का समाधान हो जाएगा। रिपोर्ट ऊपर तक भेज दी गई है। समय समय पर अधिकारियों की जांच में भी इन समस्याओं को अवगत कराया जाता है।             
नौतनवां महिला अस्पताल में भी संविदा पर एक डॉक्टर की तैनाती है। वही सिसवा सीएचसी में महिला डॉक्टर नहीं है। यहां संसाधन भी ठीक हालत में नहीं है। परतावल महिला अस्पताल में तीन डॉक्टर की तैनाती है। लेकिन यहां कोई महिला डॉक्टर रात्रि निवास नहीं करती है, जिससे रात के वक्त आने वाले मरीजों को परेशानी होती है।            
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सीएओ डॉ. आरके तिवारी का कहना है कि महिला डॉक्टरों की तैनाती के लिए शासन में पत्र भेजा गया है। जरूरत के हिसाब से संविदा पर महिला डॉक्टरों की तैनाती की गई है।
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