शहर में बिछाई गई है 40 किलोमीटर लंबी है पाइप लाइन, घरेलू और सार्वजनिक कनेक्शन हैं 3,600
शहर क्षेत्र में पेय जल आपूर्ति को लेकर जिम्मेदार गंभीर नहीं
बैकुंठपुर क्षेत्र में गंदे स्थानों से गुजर रही पाइप लाइन
महराजगंज। नगर क्षेत्र में पानी की आपूर्ति को लेकर जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं। शहर के कई क्षेत्रों में गंदे पानी से होकर गुजरी पाइप लाइन लीक होने पर घरों तक गंदा पानी पहुंच जाता है। बैकुंठपुर कांशीराम आवास के लोगों को आपूर्ति की पानी ठीक नहीं लगता है। यही नहीं हैंडपंप का पानी भी बदबू करता है। मजबूरी में ज्यादातर लोग पानी खरीदकर पीते हैं।
शहर में बैकुंठपुर इलाके में पानी की पाइप लाइन बेहद गंदे जगहों से होकर गुजर रही है। लोगों के मुताबिक जब कभी पाइप लीक होता है तो घरों तक गंदा पानी पहुंच जाता है। इससे कभी भी समस्या हो सकती है। हालांकि पाइप लीक होने की सूचना पर नगर पालिका प्रशासन की ओर से पाइप को ठीक करा दिया जाता है। सवाल यह है कि गंदे जगहों से पाइप लाइन गुजरने के कारण हल्का सा भी लीक होने पर पानी संक्रमित हो सकता है। इसे देखते हुए लोगों ने पानी खरीद कर पी रहे हैं। बैकुंठपुर कांशीराम आवास के लोगों की मानें तो पानी की आपूर्ति हो रही है लेकिन शुद्धता की गारंटी नहीं है। हैंडपंप भी ठीक हालत में नहीं है। पानी से आ रही बदबू के कारण कोई पीना नहीं चाहता है। शहर में 40 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई गई है जबकि घरेलू और सार्वजनिक 3,600 कनेक्शन हैं।
महराजगंज नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी आलोक कुमार मिश्रा का कहना है कि शहर में शुद्ध पानी की आपूर्ति कराई जा रही है। यहां कोई समस्या नहीं है। लीक होने की सूचना मिलने पर पाइप त्वरित ठीक करा दिया जाता है।
कोट
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हैंडपैप खराब होने के कारण पानी ठीक नहीं है। पंप से पानी की सप्लाई होती है, उसका भी पानी महकता है, इस वजह से समस्या होती है।
बसंत, बैकुंठपुर
नगर पालिका से सप्लाई हो रहा पानी के शुद्धता की गारंटी नहीं है। कभी-कभी पानी पीने का मन ही नहीं करता है। परिसर में हैंडपंप लगा है, इसका पानी भी ठीक नहीं है।
-गीता, बैकुंठपुर
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सदर तहसील में जलस्तर 150 से 160 मीटर के बीच
महराजगंज। जिले में भूजल स्तर की स्थिति फिलहाल संतोषजनक है। निचलौल क्षेत्र में जलस्तर 170 से 180 मीटर के बीच दर्ज किया गया है, जबकि नौतनवा तहसील में यह 160 से 170 मीटर के आसपास है। वहीं फरेंदा और सदर तहसील में जलस्तर 150 से 160 मीटर के बीच बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, जल निगम ग्रामीण विभाग की ओर से जिलेभर में नियमित रूप से पेयजल की गुणवत्ता की निगरानी की जा रही है। वर्तमान समय में कराई गई जांच रिपोर्ट के अनुसार सभी क्षेत्रों में सप्लाई किया जा रहा पानी पीने योग्य पाया गया है।
वर्जन
विभाग जलस्तर और पानी की गुणवत्ता दोनों पर लगातार नजर रखे हुए है। किसी भी हैंडपंप, पाइपलाइन या जलापूर्ति स्रोत से संबंधित शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाती है। आम लोगों से अपील है कि यदि कहीं पानी की गुणवत्ता या आपूर्ति में समस्या दिखे तो तुरंत विभाग को सूचित करें।
-मोहम्मद सलमान खान, सहायक अभियंता, जल निगम ग्रामीण