नियमों का उल्लंघन करने वालों पर केस दर्ज कर जेल भेजेगी, प्रतिमा स्थापना से लेकर विसर्जन तक के लिए एक पुलिसकर्मी को नोडल अफसर बनाया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। लक्ष्मी पूजा ही नहीं छठ पर तेज आवाज डीजे बजा तो पुलिस जब्त करेगी। डीजे संचालकों और मूर्ति स्थापना समिति के साथ पुलिस के जिम्मेदार बैठक करेंगे और उन्हें हाईकोर्ट के नियम-कानून को बताएंगे। उसके बाद भी पंडाल व जुलूस में तेज आवाज में डीजे बजता मिला तो पहले पुलिस समझाएगी, नहीं माने तो डीजे सिस्टम जब्त कर लेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर केस दर्ज कर जेल भेजेगी।
लक्ष्मी पूजा और छठ पूजा में अब तेज आवाज में डीजे बजाना महंगा पड़ सकता है। प्रतिमा स्थापना से लेकर विसर्जन तक के लिए एक पुलिसकर्मी को नोडल अफसर बनाया जाएगा।जिले में करीब 1200 स्थानों पर लक्ष्मी प्रतिमा स्थापित होंगी। एसपी ने सभी थानेदार निर्देशित किया है कि अपने-अपने इलाके के मूर्तिकारों के संपर्क में रहें। कौन सा मूर्तिकार कितनी मूर्तियों को बना रहा है, इसका आंकड़ा जुटाएं।
इसके बाद पुलिस खरीदारों का नाम पता नोट करेगी। इससे तय हो जाएगा कि जिले में कितनी मूर्तियां स्थापित होंगी और कहां पर हैं। वैसे तो कोशिश यह भी है कि परंपरागत मूर्तियों की ही स्थापना कराई जाए, नए को अनुमति न दी जाए। लेकिन, यह बाद में ही तय हो जाएगा। फिलहाल, पुलिस सभी पूजा समितियों के संपर्क में रहेगी। एसपी के आदेश के बाद पुलिस ने मूर्तिकारों के यहां पर पहुंचना भी शुरू कर दिया है। पुलिस एक-एक बिंदु पर कार्रवाई कर रही है।
क्षेत्र के एक-एक सिपाही को उसका नोडल बनाया गया
मूर्ति जहां स्थापित होगी, उस क्षेत्र के एक-एक सिपाही को उसका नोडल बनाया गया है, जो यह सुनिश्चित कराएगा कि मूर्ति किस दिन स्थापित होगी, किस दिन और किस रूट से विसर्जन को जाएगी। माइक और साउंड बजने की क्षमता कोर्ट के निर्देशों के अनुसार है कि नहीं। साथ ही इस बार अग्निशमन यंत्र लगाने और बिजली कनेक्शन के बारे में भी निर्देशित किया गया है।
पुलिस की सख्ती से लोगों को भरोसा, त्योहारों में नियम-कायदे का होगा पालन
महराजगंज। शहर में दुर्गा प्रतिमाओं के पंडाल व विसर्जन के दौरान डीजे का शोर थमने से लोगों ने काफी राहत महसूस की है। पुलिस की सख्ती से लोगों अब यह भरोसा हो गया है कि आगे भी त्योहारों में वह नियम कायदे का पालन कराएगी। इसके बाद शुरू हुए गांधी नगर के लोगों का कहना है कि यह व्यवस्था बरकरार रहे तो लोगों को कोई असुविधा नहीं होगी।सीएम ने इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी। इसका असर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन में राहत के रूप में दिखा। अब लोगों का कहना है कि ऐसी व्यवस्था सालभर लागू होनी चाहिए। जुलूस, शोभा यात्रा और प्रतिमा विसर्जन के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाए जाने से लोग परेशान होते हैं।
शोर होने से समस्या होती है। दुर्गा पूजा के दौरा सख्ती का असर रहा कि बहुत तेज आवाज में डीजे नहीं बजा। लोगों ने भी जागरूकता दिखाई। पुलिस ने भी अपनी जिम्मेदारी बेहतर ढंग से निभाई, इस वजह से नियम का पालन बेहतर ढंग से हुआ।
सुभाष चंद, शास्त्री नगर
लक्ष्मीपूजा के दौरान भी नियम का पालन होना चाहिए। तेज आवाज तो किसी भी दशा में ठीक नहीं है। गुजरे वक्त तो रात में नींद ही नहीं लगती थी, लेकिन इस बार नियम का पालन होने से काफी राहत मिली है।
गिरिजेश कुमार सोनी, शास्त्री नगर
लक्ष्मी पूजा में भी नियम का पालन सख्ती से कराया जाएगा। सभी थानेदारों को एडवाइजरी के बारे में जानकारी दी जा चुकी है। मानक के अनुरूप ही डीजे बजाया जा सकता है। नियम का उल्लंघन होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लक्ष्मीपूजा समितियों के पदाधिकारियों को पुलिस जागरूक करने में जुटी है। शांति कमेटी की बैठकों में नियम कानून के बारे में जानकारी दी जा रही है।
डॉ. कौस्तुभ, पुलिस अधीक्षक
शहर में डायवर्जन की व्यवस्था पहले की तरह से रहेगी
शहर में दिवाली व धनतेरस पर डायवर्जन की व्यवस्था बनाई गई है। शहर में भारी वाहन प्रवेश नहीं करेंगी। त्योहार से एक दिन नियम को प्रभावी किया जाएगा। इसमें लिए पुलिस की ओर से तैयारी की जा रही है। शहर में आवागमन में समस्या न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। धनतेरस पर शहर में खरीदारी के लिए लोग आते हैं तो भीड़ लगने से आवागमन में समस्या होती है। पुलिस की ओर से व्यवस्था बनाई जा रही है, इस वजह से समस्या नहीं होगी।