महराजगंज। सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया को भले ही आसान कर दिया हो, लेकिन लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। स्लाॅट खाली न होने के चलते आवेदकों को इंतजार करना पड़ रहा है।
मौजूदा समय में एक सप्ताह तक स्लाट बुक हैं, जिसके कारण ऑनलाइन केंद्रों से आवेदक निराश लौट रहे हैं। हालांकि केंद्र संचालक आवेदकों से शुल्क लेने में पीछे नहीं हटते चाहे स्लाॅट बुकिंग हो या न हो। परिवहन विभाग ने डीएल बनवाने की प्रक्रिया को बेहद आसान कर दिया है। आवेदक विभागीय वेबसाइट पर जाकर इसके लिए खुद ही आयु पूरा होने का प्रमाणपत्र लगाकर व तय शुल्क देकर आवेदन कर सकते हैं।
बाइकर्स के लिए एआरटीओ परिसर में ही आठ की आकृति में ट्रैक बनवाया गया है जहां आवेदकों का परीक्षण होता है। पहली बार फेल होने पर दोबारा निशुल्क मौका दिया जाता है, लेकिन पिछले सप्ताह से स्थिति ऐसी है कि स्लाट खाली न होने के चलते आवेदन के लिए इच्छुक लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है। जनसेवा केंद्र संचालक आवेदन करने वालों के सामने साइट खोलते हैं तो लगभग एक सप्ताह की बुकिंग उन्हें पेंडिंग मिलती है।
परेशान होकर जरूरतमंद दलालों के चक्कर में पड़कर रुपये गंवा रहे हैं। बावजूद विभाग की नजर इस तरफ नहीं जा रही है। इस समय 560 लोगों के आवेदन पड़े हैं, जिनके लाइसेंस बनाने हैं और उन्होंने स्लाट बुक करवा रखे हैं।
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जिले में एक दिन में स्लाट बुकिंग की सीमा 80 है। एक सप्ताह तक स्लाट बुक है। आवेदन शीघ्रता से निपटाने के लिए कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं।
-विनय कुमार, एआरटीओ