फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बड़े शहरों के लिए सीधी बस सेवा नहीं, यात्रियों की बढ़ी परेशानी

विज्ञापन
विज्ञापन
बड़े शहरों के लिए सीधी बस सेवा नहीं, यात्रियों की बढ़ी परेशानी
विज्ञापन

महराजगंज। जिला मुख्यालय से बड़े शहरों तक जाने के लिए इस समय कोई सीधी बस सेवा नहीं है। यदि किसी को राजधानी लखनऊ, धार्मिक स्थल वाराणसी या प्रयागराज तक जाना हो तो उसे न सिर्फ गोरखपुर जाना होगा, बल्कि वहां से दूसरे बस का भी सहारा लेना होगा। यात्रा को अलग-अलग जगहों से करने से जहां उनका समय अधिक लगेगा, वहीं उन्हें विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का भी सामना करना पड़ेगा।
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित महराजगंज जिले में दो बस स्टेशन हैं। सोनौली बस स्टेशन से जहां प्रदेश के कोने-कोने में पहुंचने के लिए वाहन मिल जाते हैं, वहीं जिला मुख्यालय के बस स्टेशन से न तो लखनऊ तक की सीधी बस सेवा है और न ही वाराणसी व प्रयागराज की। जिला मुख्यालय से पहले लखनऊ व वाराणसी तक के लिए शताब्दी व जनरथ वाहन चलाए जाते थे, लेकिन कोविड काल में यात्रियों की कमीं की वजह से इसे बंद कर दिया गया। अब जबकि स्थिति को सामान्य हुए लगभग वर्ष भर होने को है तो भी बंद किए गए शताब्दी व जनरथ बसों का संचालन शुरू नहीं किया जा सका है। इन बसों का संचालन शुरू हो जाए तो न सिर्फ यात्रियों को काफी सहूलियत मिल जाए, बल्कि उन्हें किराए में भी कुछ रियायत मिल जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

------------
क्या कहते हैं लोग
नगर के रहने वाले कुलदीप त्रिपाठी ने कहा कि शताब्दी व जनरथ के चलने से काफी सहूलियत थी, यात्रियों के हितों को देखते हुए उसे फिर से शुरू किया जाना चाहिए। शिरोमणि दूबे ने कहा कि धार्मिक नगरी होने के नाते वाराणसी व इलाहाबाद जाने वालों की संख्या अधिक है, नियमित बसों का संचालन हो तो आमजन को सहूलियत मिलेगी।
------------
कोविड काल में शताब्दी व जनरथ सेवा बंद हुई थी। इन सेवाओं को जल्द ही शुरू किए जाने की दिशा में पहल की जाएगी, जिससे कि यात्रियों को सहूलियत मिल सके।
महेंद्र पांडेय, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें