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Maharajganj News: नेपाल बॉर्डर तक फोरलेन के लिए वन विभाग से मिली एनओसी

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सड़क के दायरे में आने वाले दुकानों और मकानों को तोड़ने की प्रक्रिया दो माह में होगी शुरू
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28.1502 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित, दो महीने में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण टेंडर करेगा फाइनल
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। शहर से होकर ठूठीबारी नेपाल बार्डर तक जाने वाले फोरलेन के निर्माण के लिए वन विभाग ने एनओसी जारी कर दी है। करीब दो माह बाद शहर में काॅलेज रोड पर तोड़फोड़ शुरू होगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से करीब दो महीने मेें टेंडर फाइनल होने के बाद से शहर में सड़क के दायरे में आने वाली 800 दुकानें व मकानों को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू होगी। फिलहाल त्योहारों तक कुछ दिनों के लिए व्यापारियों को थोड़ी राहत है।
जानकारी के अनुसार, महराजगंज से ठूठीबारी तक करीब 809 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन सड़क बनेगी। इसके लिए 28.1502 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित हो चुकी है। नौ गांवों के दो 300 से अधिक किसानों की भूमि सड़क निर्माण के दायरे में है। किसानों को मुआवजा भी दिया जा रहा है। वन विभाग की ओर से एनओसी दी जा चुकी है। किसानों को मुआवजा भी दिया जा रहा है। भागाटार के किसानों ने शुरूआत में कम होने को लेकर विरोध प्रकट किया था। वहीं ठूठीबारी क्षेत्र में किसानों के भूमि का सत्यापन हो चुका है। उनको भी मुआवजा देने की प्रक्रिया जारी है।
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शनिवार को शहर में व्यापारियों से इस प्रकरण में बातचीत की गई तो सभी ने भविष्य को लेकर चिंता जाहिर की। व्यापारियों ने कहा कि कुछ दिन तोड़फोड़ रुकने से कुछ फायदा नहीं होने वाला है। बाइपास बन जाता तो अच्छा रहता है। फरेंदा रोड की तरह से निचलौल रोड चौड़ा हुआ तो 800 दुकानें व मकान धराशायी हो जाएंगे। शहर में तोड़फोड़ रुकवाने के लिए जिला प्रशासन से लेकर केंद्रीय वित्त राज्य से भी व्यापारियों ने शिकायत की, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ हाथ नहीं लगा।
सक्सेना चौक के करीब मस्जिद के पास मिले रामचंद्र गुप्त ने बताया कि आने वाले दिनों में निचलौल रोड की तस्वीर बदल जाएगी। त्योहार में तोड़फोड़ नहीं हुई तो अच्छा ही हुआ। आगे बढ़ने ने जितेंद्र मिले तो उन्होंने लचर व्यवस्था पर गुस्से का इजहार किया। उन्होंने कहा कि बेवजह की देरी की जा रही है। व्यापारी भी संशय में हैं कि कब क्या होगा। गनीमत है कि त्योहार के बीच में तोड़फोड़ नहीं हुई, नहीं तो समस्या ज्यादा बढ़ जाती।
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काॅलेज रोड पर कपड़े की दुकान लगभग 35 वर्ष है। इस दुकान से चार लोगों को रोजगार भी मिला है, लेकिन अब सड़क चौड़ीकरण के कारण दुकान टूटने वाली है। कारोबार को लेकर चिंता हो रही है। आने वाले दिनों में कहीं दुकान खोलने के लिए जगह ढूंढ रहा हूं।
रामानंद सिंघानिया, कपड़ा कारोबारी

काॅलेज रोड पर सामने किराने की दुकान है। लगभग 35 वर्षों से दुकान चला रहा हूं। चौड़ीकरण की सूचना के बाद से नींद नहीं आ रही है। शहर में कहीं दुकान नहीं मिल रही है। दुकान से आठ लोगों का खर्चा चलता है। आने वाले दिनों में समस्या होगी।
दिनेश अग्रवाल, किराना कारोबारी

13 साल से दुकान संचालित हो रही है। दुकान टूटने के बाद कारोबार संचालित करने में समस्या होगी। इसी दुकान के सहारे घर का खर्चा और बच्चों की पढ़ाई होती है। त्योहार में थोड़ी सहूलियत मिली गई है। अगर इधर ही टूट गया होता तो समस्या होती।
अनिरुद्ध वर्मा, स्वर्ण कारोबारी
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दुकान 15 साल से संचालित है। इस बीच दुकान टूट गई तो समस्या ज्यादा बढ़ जाती। त्योहार में थोड़ी सहूलियत मिल गई है, इससे कुछ राहत मिली है। दुकान टूटने के बाद शहर में कहीं खोजा जाएगा। अभी अच्छे जगह दुकान कहीं नहीं मिल रही है।
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मनोज मोदी, कारोबारी

टेंडर में देरी होने के कारण काम शुरू नहीं हुआ है। वन विभाग से एनओसी मिल चुकी है। अन्य प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है। करीब दो माह के अंदर टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम शुरू हो जाएगा।
प्रभात चौधरी, अधिशासी अभियंता, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण
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