शहर के अधिकांश एटीएम पर सुरक्षा नहीं, गोपनीयता भी भंग हो रही
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महराजगंज। शहर में दर्जन भर से अधिक एटीएम हैं, लेकिन इनकी सुरक्षा के प्रति ध्यान नहीं दिया जा रहा है। एटीएम बूथ के अंदर एक साथ कई लोग प्रवेश कर जाते हैं। उन्हें रोकने वाला कोई नहीं रहता है। ऐसे में उपभोक्ताओं के एटीएम कार्ड की पिन कोड की गोपनीयता भंग होने का खतरा बराबर बना रहता है।
ज्यादातर एटीएम पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए जवानों की तैनाती नहीं की गई है। जिन जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए जवानों की तैनाती की गई है, वहां भी चौबीस घंटे सुरक्षा व्यवस्था नहीं रहती है। सुरक्षा में लगे जवान निर्धारित समय तक ड्यूटी देकर चले जाते हैं। कुछ जगहों ड्यूटी का समय पूरा होने पर जवान एटीएम बूथ पर ताला लगाकर चले जाते हैं। इसके चलते उपभोक्ताओं को नकद रकम निकालने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिन जगहों पर एटीएम खुले रहते हैं और सुरक्षा व्यवस्था के लिए जवान तैनात नहीं रहते हैं, वहां एटीएम पर खतरा बना रहता है। जानकारों का कहना है कि एक एटीएम पर 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था के लिए कम से कम तीन जवानों की तैनाती करनी होगी। इन पर बैंकों को कम से कम 20 से 25 हजार रुपये खर्च करने पड़ेंगे। ऐसे में एक एटीएम के संचालन पर बैंकों का खर्च बढ़ जाएगा। बैंक खर्च बचाने के चक्कर में उपभोक्ताओं व एटीएम की सुरक्षा व्यवस्था के प्रति लापरवाही बरत रहे हैं। ग्राहकों को जरूरत पड़ने पर उनके एकाउंट से तुरंत धन निकासी के लिए एटीएम सेवा शुरू की गई थी लेकिन यह सेवा अब उनकी परेशानी का कारण बनती जा रही है। दरअसल, एटीएम पर एक समय में एक व्यक्ति के प्रवेश करने के निर्देशों का पालन न करने के कारण जहां ग्राहकों की निजता एवं गोपनीयता पर आक्रमण हो रहा, वहीं अराजक तत्वों के सक्रिय होने के कारण लोगों की नींद उड़ी हुई हैं। क्योंकि ज्यादातर बैंकों ने अपने एटीएम सुरक्षा के लिए जवानों की तैनाती की व्यवस्था ही नहीं की है।लीड बैंक (भारतीय स्टेट बैंक) के प्रबंधक एसके श्रीवास्तव का कहना है कि एटीएम पर सुरक्षा जवानों की तैनाती है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए सभी बैंकों को निर्देश दिए गए हैं। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।