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Maharajganj News: सीएचसी में नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं, निजी अस्पताल का सहारा

Wed, 17 Jan 2024 05:38 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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घुघली। सीएचसी पर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही हैं। नेत्र संबंधी बीमारी होने पर मरीजों को निजी अस्पताल का सहारा लेना पड़ता है। सीएचसी से करीब 25 किमी दूर जिला अस्पताल आना पड़ता है। नेत्र रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए विभाग की ओर से कोई पहल नहीं होने से लोगों में आक्रोश है।
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जानकारी के अनुसार, सस्ते इलाज के चक्कर में मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। घुघली सीएचसी का शिलान्यास 2009 में हुआ था। इसके बनने में 11 वर्ष लग गए। अस्पताल का संचालन शुरू हुए तीन वर्ष लग गए, लेकिन सुविधाओं के लिए कोई बेहतर कदम नहीं उठाया गया। घुघली सीएचसी के दायरे में लगभग एक लाख की आबादी आती है। कुशीनगर सीमा पर स्थापित इस अस्पताल से दो जिले के लोग लाभान्वित होते हैं।
सीएचसी पर आईं कुशुमावती देवी ने बताया कि आंख में परेशानी है। पानी गिरता है और आंख से धुंधला सा दिखाई देता है। डाॅक्टर ने बताया की महराजगंज जिले पर जाइए क्योंकि आंख में मोतियाबिंद है। ऑपरेशन करना पड़ेगा। यही हाल जगदीशपुर गांव से आए अजीज ने भी बताई। उन्होंने कहा कि नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। जांच कराने निजी अस्पताल जा रहा हूं। भुवनी निवासी राम प्यारे ने बताया कि ऑपरेशन कराना है तो जिला अस्पताल जाना पड़ेगा। चुवनी निवासी रामेश्वर पांडेय ने बताया कि विशेषज्ञ नहीं रहने से निजी अस्पताल में इलाज के लिए जाना पड़ेगा। सीएचसी पर तैनात नेत्र परीक्षक फैयाज अहमद ने बताया कि सीमित संसाधनों में बेहतर सुविधा देने की कोशिश की जा रही है।
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नेत्र रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है, लेकिन नेत्र परीक्षक तैनात हैं। वह भी सप्ताह में मात्र तीन दिन ही आते हैं। डॉक्टर की तैनाती शासन स्तर पर होती है। अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों में बेहतर सुविधा देने की कोशिश की जा रही है।
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-डाॅ. अमित विक्रम, अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, घुघली
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