निकलो ना बेनकाब, जमाना खराब है, और उस पर ये सबाब, जमाना खराब है, के साथ ही सब को मालूम है कि मैं शराबी नहीं, फिर भी कोई पिलाए तो मैं क्या करूं, जैसी अपनी गजलों की प्रस्तुति से प्रख्यात गजल गायक पंकज उधास ने महराजगंज महोत्सव की अंतिम रात को यादगार बना दिया। उनकी गजल सुनकर श्रोता झूम उठे।
उन्होंने इसके बाद सिर्फ इक बार नजरों से नजरें मिलीं, और कसम टूट जाए तो मैं क्या करूं... जिएं तो जिएं कैसे, बिन आपके, लगता नहीं दिल कहीं, बिन आपके और चांदी जैसा रंग है तेरा, सोने जैसे बाल, एक तू ही धनवान है गोरी, बाकी सब कंगाल, सुनाकर लोगों की खूब वाहवाही लूटी। चिट्ठी आई है, आई है चिट्ठी आई है... के जरिये उन्होंने श्रोताओं को भावुक कर दिया।
इससे पूर्व गायक पंकज उधास, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार व विधायकों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संचालन एकता शर्मा ने किया। इस दौरान विधायक जयमंगल कन्नौजिया व ऋषि त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ, अपर जिलाधिकारी डॉ. पंकज वर्मा, उप जिलाधिकारी मोहम्मद जसीम, अपर एसडीएम मदन मोहन वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक कुमार सिंह, बीएसए आशीष सिंह, सहायक निबंधक सहकारिता सवींद्र सिंह समेत बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।
जय विजय सचान ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया
दिल्ली से आए जय विजय सचान ने कामेडी के माध्यम से महोत्सव की रात को खास बना दिया। उनकी प्रस्तुति सुनकर दर्शक मुस्कुुुराते व हंसते रहे। उन्होंने धर्मेंद्र, अमरीश पुरी, अमिताभ बच्चन, परेश रावल, नाना पाटेकर, अजय देवगन, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, गुलशन ग्रोवर, राजपाल यादव, कूलभूषण खरबंदा, शाहरुख खान, सलमान खान, अक्षय कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत अन्य लोगों की आवाज की नकल कर सभी दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। शिक्षक अविनाश मिश्रा ने भी कामेडी से लोगों का मनोरंजन किया।