उच्चतम न्यायालय ने अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण के लिए स्वीकार की रिपोर्ट, दो नगर पालिकाओं व आठ नगर पंचायतों में होंगे चुनाव
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। निकाय चुनाव के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण के लिए उच्चतम न्यायालय की ओर से रिपोर्ट को स्वीकार करने के बाद अब निकायों में चुनाव लड़ने वाले दावेदारों की धड़कनें बढ़ने लगी हैं। सर्वे रिपोर्ट को लेकर जिले की दो नगर पालिकाओं व आठ नगर पंचायतों के आरक्षण में बदलाव की संभावना बढ़ गई है। सीटों के बदलाव पर जहां राजनीतिक लोगों में चर्चा होती रही, वहीं, चुनाव की तैयारी करने वाले दावेदार गुणा-गणित में जुट गए हैं।
नगर निकाय चुनाव की तस्वीर बदलने के लिए पिछड़ी जाति की जनसंख्या के मुताबिक आरक्षण का फार्मूला अपनाने की प्रक्रिया की जानी है। प्रक्रिया के तहत ही नगर पालिका व नगर पंचायतों के अध्यक्षों के पद का आरक्षण निर्धारित होगा। सर्वे रिपोर्ट पर सभी की नजर टिकी है। संभावना है कि जिले के निकाय की 10 सीटों पर (सिसवा को छोड़कर) अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण में बदलाव हो सकता है।
2,46,093 मतदाता बनाएंगे निकाय की सरकार
जिले के 10 निकायों में स्थित 166 वार्डों में निकाय की सरकार बनाने में 2,46,093 मतदाता अपनी अहम भूमिका निभाएंगे। जिसमें से 1,27,835 मतदाता पुरुष व 1,18,258 मतदाता महिला हैं।
पिछले चुनाव में आरक्षण की स्थिति
नगर पालिका महराजगंज अन्य पिछड़ा वर्ग
नगर पालिका नौतनवां अन्य पिछड़ा वर्ग
नगर पंचायत घुघली अनारक्षित
नगर पंचायत निचलौल अनारक्षित
नगर पंचायत सोनौली अनारक्षित
नगर पंचायत आनंदनगर अनारक्षित
दिसंबर में घोषित आरक्षण
दिसंबर माह में घोषित किए गए जिले के आरक्षण पर गौर किया जाए तो दस में से छह सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई थीं। नौतनवां नगर पालिका के साथ ही नगर पंचायत घुघली, परतावल, निचलौल, बृजमनगंज व पनियरा के अध्यक्ष पद की सीट महिला के लिए आरक्षित थी। नगर पंचायत आनंदनगर व चौक बाजार की सीट अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित थी। नगर पालिका महराजगंज की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हुई थी, जबकि नगर पंचायत सोनौली की सीट अनारक्षित।
नगर पंचायत आनंदनगर में आज तक नहीं हुआ एससी व ओबीसी का आरक्षण
नगर पंचायत आनंदनगर में इस समय 36,581 मतदाता हैं। 1988 में हुए पहले चुनाव से लेकर अब तक यहां की सीट कभी भी अनुसूचित जाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित नहीं रही है। दिसंबर में अन्य पिछड़ा वर्ग की सीट घोषित होने से यहां पर बड़ी संख्या में लोगों ने चुनाव लड़ने में उत्साह भी दिखाया था, मगर प्रक्रिया पर रोक लगने से मामला ठप पड़ गया। नगर पालिका बनने के बाद महराजगंज की सीट भी कभी अनारक्षित नहीं रही।
कोट
निकाय चुनाव लड़ने के लिए हर वर्ग को मौका मिलना चाहिए। इससे जहां पारदर्शिता बनी रहेगी, वहीं, सभी को आगे बढ़ने का समान अवसर मिलेगा।
-मनोज वर्मा, व्यवसायी
कोट
ओबीसी सर्वे की रिपोर्ट के बाद आरक्षण में उलटफेर अवश्य होगा। महिलाओं को भी इससे लाभ मिल सकेगा। महिला मतदाताओं की अच्छी संख्या महिला उम्मीदवारों के लिए हितकर होगा।
-रत्ना मिश्रा, महिला
कोट
सरकार की रिपोर्ट को उच्चतम न्यायालय की ओर से स्वीकार करने से आरक्षण तय करने में आसानी होगी। सही तरीके से उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने का अवसर मिलेगा।
-डॉ. सचिन चौधरी, अधिवक्ता
कोट
शासन की ओर से प्राप्त दिशा निर्देशों के मुताबिक आगे कदम उठाया जाएगा। संभावित चुनाव के लिए तैयारी की जा रही है। नए सिरे से आरक्षण के तय होने से बदलाव भी हो सकता है।
-डॉ. पंकज कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी