नगर के दुर्गा मंदिर पर लगा एनएच चौड़ीकरण का निशान।
महराजगंज। शहर से लेकर ठूठीबारी तक हाईवे निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। शहर में दुकान और मकान टूटने को लेकर शुरू हुई चर्चाओं पर विराम लग गया है। विभाग की ओर से सर्वे कराया जा रहा है। इसके बाद यह स्पष्ट हो जाएगा की हाईवे के दायरे में कितने दुकान, मकान आएंगे। एक अनुमान के अनुसार 800 से अधिक मकान व दुकान सड़क के दायरे में आ रहे हैं। सड़क निर्माण के दौरान टूट जाएंगे।
शुक्रवार को शहर में एनएचएआई की ओर से कर्मी चिह्न लगा रहे थे। सड़क की दूरी माप कर मकान और दुकान पर निशान लगाया जा रहा था। दुकानों पर निशान लगने के बाद कारोबारी परेशान हो गए। शहर में सक्सेना चौक से लेकर मऊपाकड़ से आगे निशान लगाया जा रहा है। कारोबारी आकाश कहते हैं कि शहर में सड़क चौड़ी होने से नुकसान अधिक हो रहा है।
दुकाने टूट गईं तो कारोबार चौपट हो जाएगा। बस स्टेशन पर मिले रमाशंकर ने बताया कि शहर के कारोबारी लंबे से सड़क की चौड़ाई कम करने की मांग कर रहे हैं। अगर मांगों पर विचार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में कारोबारियों की मुश्किल बढ़ जाएगी। उधर शहर से आगे बढ़ने पर पेड़ों की कटाई तेजी से की जा रही है।
मुआवजा देने के बाद ही मकानों को ध्वस्त किया जाएगा
राष्ट्रीय राजमार्ग 730-एस के निर्माण में कृषि क्षेत्र के भूमि अधिग्रहण के बाद अब शहरी क्षेत्रों के मकानों की भूमि के अधिग्रहण की तैयारी तेज है। इसके लिए सक्सेना चौक से लेकर मऊपाकड़ और धनेवा-धनेई तक करीब 427 मकानों के सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है। सर्वे के बाद इनका मूल्यांकन कर मुआवजा देने के बाद ही मकानों को ध्वस्त किया जाएगा।
राजमार्ग में एक बाईपास के अलावा दो फ्लाईओवर
महराजगंज सक्सेना चौक से लेकर ठूठीबारी तक 40 किमी दूरी तक बनने वाले इस राजमार्ग में एक बाईपास के अलावा दो फ्लाईओवर, एक टोल प्लाजा का भी निर्माण शामिल है। चौड़ीकरण को लेकर महराजगंज से ठूठीबारी तक सड़क के दोनों तरफ पड़ने वाले किसानों की भूमि का अधिग्रहण हो चुकी है।