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UP: चार परिवारों को जीवन भर का गम दे गया नया साल, दोस्तों से मिलने निकले थे, खुद लौट कर नहीं आए

Mon, 02 Jan 2023 03:14 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।

सार

कोतवाली ठूठीबारी क्षेत्र के गड़ौरा निवासी शिवांश मिश्रा (17), निचलौल शहर के महाशय वार्ड निवासी आयुष्मान सिंह (19), गोलू उर्फ युग राजपूत (17), कोर्ट वार्ड निवासी आशीष मद्देशिया (25), हर्रेडिह वार्ड निवासी अब्दुल अहद (16) और अरबाज (17) शनिवार रात करीब आठ बजे कार से गोरखपुर के लिए निकले। आधी रात के बाद उनकी कार हादसे का शिकार हो गई।
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ऑटो में बैठ मृत आयुष्मान के रोते बिलखती मां और बहन। - फोटो : MAHARAJGANJ
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विस्तार
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महराजगंज जिले के निचलौल और ठूठीबारी के चार परिवारों को नए साल का पहला दिन जीवन भर का गम दे गया। शनिवार आधी रात को गोरखपुर के बेलीपार थाना क्षेत्र के महोबा गांव के पास हुए हादसे में इन सभी के घर का चिराग बुझ गया। हादसा इतना दर्दनाक था कि तीन दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ने बाद में दम तोड़ दिया। एक युवक अस्पताल में पड़ा है तो दूसरा सदमे से बाहर नहीं निकल पा रहा है।

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जानकारी के मुताबिक, कोतवाली ठूठीबारी क्षेत्र के गड़ौरा निवासी शिवांश मिश्रा (17), निचलौल शहर के महाशय वार्ड निवासी आयुष्मान सिंह (19), गोलू उर्फ युग राजपूत (17), कोर्ट वार्ड निवासी आशीष मद्देशिया (25), हर्रेडिह वार्ड निवासी अब्दुल अहद (16) और अरबाज (17) शनिवार रात करीब आठ बजे कार से गोरखपुर के लिए निकले। आधी रात के बाद उनकी कार हादसे का शिकार हो गई।

खुद पढ़ाई छोड़, बड़ी बहन के पूरे कर रहा था सपने
निचलौल शहर के महाशय वार्ड निवासी आयुष्मान सिंह की बड़ी बहन आकांक्षा सिंह भाई की मौत से सदमे में हैं। पिता बप्पन सिंह जेएचवी शुगर मिल गड़ौरा में स्टोर कीपर के पद पर कार्य करते थे। शुगर मिल बंद होने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई। दोनों बच्चों को पढ़ाने की स्थिति नहीं रही।
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ऐसे में आयुष्मान ने पढ़ाई छोड़ दी और छोटा सा व्यवसाय कर परिवार की जिम्मेदारी उठा ली। विपरीत हालात के बावजूद आयुष्मान ने बड़ी बहन की पढ़ाई नहीं रुकने दी। उसे इलाहाबाद भेजकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करा रहा था। पिता बप्पन ने बताया कि आयुष्मान बड़ी बहन को अफसर बनाना चाहता था, जो अब सपना रह गया।

 

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इंजीनियरिंग बनना चाहता था अब्दुल अहद

निचलौल शहर के हरेडीह वार्ड निवासी मकसूद लंबे समय से कैंसर की बीमारी से पीड़ित हैं। पत्नी रेशमा बानो गृहणी हैं। अब्दुल अहद तीन बहनों नूरी, गुलसफा, दरक्षा और भाई अनस से छोटा था। परिवार में सभी लोग उससे बहुत प्यार करते थे। अब्दुल महराजगंज स्थित एक कॉलेज से पॉलिटेक्निक कर रहा था। उसका सपना था कि वह पढ़ लिखकर इंजीनियर बने, लेकिन खुदा को शायद यह मंजूर नहीं था।

बाइक का शौकीन था आशीष
निचलौल शहर के कोर्ट वार्ड निवासी आशीष मद्देशिया दो भाइयों में छोटा था। पिता की मौत के बाद आशीष बड़े भाई विपिन के साथ कास्मेटिक की दुकान चलाने में मदद करता था। आशीष बाइक चलाने का शौकीन था।

इकलौती संतान था शिवांश
कोतवाली ठूठीबारी क्षेत्र के गड़ौरा निवासी शिवांश घर की इकलौती संतान था। पिता कमलेश मिश्रा किसान हैं और मां पूनम मिश्रा गृहणी। शिवांश महराजगंज शहर के डिवाइन पब्लिक स्कूल में कक्षा ग्यारहवीं का छात्र था। सड़क हादसे में उसकी मौत से मां-बाप बदहवास हो गए हैं। कुछ बोल नहीं पा रहे। चार दिन पहले छुट्टी होने पर शिवांश घर आया था।

सोशल मीडिया पर छाया शोक संदेश
चार युवकों की एक साथ सड़क हादसे में मौत की खबर से पूरा जिला सदमे में है। सोशल मीडिया पर लोग पूरे दिन उनकी मौत पोर शोक संदेश पोस्ट करते रहे।
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