नेपाल सीमा पर पैदल आवाजाही से पर्यटन उद्योग को मिली संजीवनी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। नौ माह से बंद भारत-नेपाल सीमा पर हाल में नेपाल द्वारा भारतीय यात्रियों को पैदल प्रवेश की अनुमति दी गई है। इसके बाद बड़ी संख्या में भारतीय लोग नेपाल जा रहे हैं। इससे दोनो देशों की सीमा से सटे शहरों के होटलों के कारोबार फिर चल उठे हैं।
पर्यटकों से गुलजार रहने वाले नेपाल के लुंबिनी, पोखरा और पशुपतिनाथ मंदिर में रौनक बढ़ी है। नेपाल से सटे भारतीय शहरों सोनौली और सिद्धार्थनगर के होटलों में बुकिंग शुरू हो चुकी है।
नेपाल पर्यटन एवं भारत नेपाल मैत्री संघ के अध्यक्ष श्रीचंद गुप्ता ने कहा कि सीमा पर भारतीय यात्रियों के आवागमन शुरू होने से पर्यटन उद्योग में नई जान आ गयी है। प्रतिदिन पांच सौ की संख्या में यात्री भारत से नेपाल आ रहे हैं। अधिकांश लोग नेपाल के आंख अस्पताल के साथ लुंबिनी, पोखरा और पशुपतिनाथ मंदिर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय वाहनों के शुरू हो जाने नेपाल का पर्यटन उद्योग फिर गुलजार हो जाएगा।
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लुंबिनी में विदेशी संस्थाओं के मंदिरों के ताले खुले
लुंबिनी के मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए ताले खुल गए हैं। माया देवी मंदिर परिसर व आसपास के बाजारों की अधिकतर दुकानें खुल गई हैं। लुंबिनी में मौजूद श्रीलंका, कंबोडिया, वियतनाम, थाईलैंड, म्यांमार, जापान, चीन, कोरिया, जर्मनी व तिब्बत आदि देशों की मदद से बने करीब 16 मंदिरों के नियमित विदेशी स्टाफ लौट आए हैं।
विदेशी मंदिर संस्थान के मैनेजर विनोद बहादुर ने बताया कि लुंबिनी में करीब 2000 विदेशी नियमित स्टाफ थे, जिसमें से पांच सौ की संख्या वापसी हो गई है। लुंबिनी के पर्यटन व होटल व्यवसाय से जुड़े गौतम धिमिरे, पवन विस्टा , रौशन ने बताया कि मार्च के बाद कोई भी भारतीय या अन्य विदेशी यात्री समूह लुंबिनी नहीं आया था। अब नेपाल सरकार के आदेश के बाद मंदिर के ताले खुल गए हैं।
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भारत नेपाल सीमा पर बढ़ी चहल पहल
सीमा पर सन्नाटे के बाद अब चहल पहल बढ़ गई है। पिछले चार दिनों से भारत से यात्री पैदल नेपाल जा रहे हैं। स्थल मार्ग से विदेशी नागरिकों के नेपाल प्रवेश पर प्रतिबंध अभी बरकरार है। नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर, पोखरा व लुंबिनी आदि स्थानों पर दर्शन के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक सोनौली के रास्ते नेपाल जा रहे हैं। पर्यटकों को रहने के लिए सोनौली व नेपाल के बेलहिया, भैरहवा व बुटवल में होटल हैं।
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बुकिंग बड़े पैमाने पर नहीं हुई
होटल एसोसिएशन रूपनदेही शान के मैनेजर अभिनव जोशी ने बताया कि सबसे अधिक नुकसान भारत-नेपाल की सीमा सील होने से हुआ है। 15 मार्च के बाद गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, दिल्ली, गोवा, सहित भूटान, मयम्मार, थाईलैंड, श्रीलंका व तमिलनाडु के 100 से अधिक पर्यटक जत्थों ने होटलों की बुकिंग रद्द कराई। तब से अभी तक कोई भी बुकिंग बड़े पैमाने पर नहीं हुई।
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सोनौली व ठूठीबारी में जारी है स्क्रीनिंग
बार्डर के सोनौली व ठूठीबारी में अब भी सतर्कता बरती जा रही है। बार्डर पर तैनात चिकित्सकों और एसएसबी की टीम भारत व नेपाल के नागरिकों की परिचय पत्र और स्क्रीनिंग के बाद ही भारत में प्रवेश की अनुमति दे रही है।
परमिट पर नेपाली यात्री वाहनों को भारत में प्रवेश की छूट
अब नेपाली चार पहिया पर्यटक वाहनों को दिल्ली सहित भारत के महानगरों में जाने की छूट मिल गई है। पहले सिर्फ नेपाली मालवाहक ट्रक और मालवाहक छोटे वाहनों को सीमावर्ती क्षेत्र के निकट रेलवे स्टेशन माल गोदाम तक जाने की छूट मिली हुई थी। कस्टम अधीक्षक सोनौली सीबी सिंह ने बताया कि भारतीय दूतावास काठमांडू द्वारा जारी परमिट पर अब नेपाली चार पहिया यात्री वाहन भी भारत के महानगरों तक जा सकते हैं।