महराजगंज। राष्ट्रीय बाल पुरस्कार लेकर लौटी आठ वर्षीय सांची अग्रवाल को बृहस्पतिवार जिलाधिकारी अनुनय झा ने कलक्ट्रेट में परिवार सहित सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि सांची की प्रतिभा से लोगों को सीखने की जरूरत है।
डीएम ने दोपहर एक बजे कलक्ट्रेट में सांची, उनकी मां स्तुति अग्रवाल और पिता मोहित अग्रवाल को सम्मानित किया। सबसे पहले उन्होंने कार्यालय में मिठाई खिलाकर सांची का स्वागत किया फिर उपहार देकर सम्मानित किया। माता-पिता को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि सांची (परी) के भीतर जो प्रतिभा है और जो सभ्यता, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति समर्पण है वह काबिले तारीफ है। जिस उम्र में अन्य बच्चे अपना समय खेलकूद में बिताते हैं उस उम्र में इनके पास उपलब्धियों की लंबी फेहरिस्त है।
भारत नाट्य और कथक जो हमारे राष्ट्र की धरोहर है उसे इतनी छोटी उम्र में ही हासिल कर लिया। बच्चे इस उम्र में जहां स्पष्ट उच्चारण नहीं कर पाते वहीं इनके पास संस्कृत श्लोकों का भरपूर ज्ञान है। मुक्केबाजी की गोल्ड मेडलिस्ट होकर भी यह ताइक्वांडो की उम्दा खिलाड़ी हैं। वार्ता करने में भी इनसे कोई नहीं जीत सकता। इसके पीछे कहीं न कहीं इनकी परवरिश का योगदान है। इंजीनियर होकर भी इनकी माता ने अपना कैरियर छोड़ दिया। यह एक बड़ा निर्णय माना जा सकता है, जिसकी उपलब्धि उनकी बिटिया में विद्यमान प्रतिभा है। एडीएम डाॅ. पंकज वर्मा सहित अन्य विभागों से अधिकारी इस सम्मान कार्यक्रम में शामिल होकर परी को उत्साहित करने का कार्य किया। संवाद