महराजगंज। नगर के बीर बहादुर नगर वार्ड में स्थित नगरपालिका के पुराने कार्यालय के मालिकाना हक को लेकर बुधवार को कांग्रेेस नेता व पूर्व सभासद अख्तर अब्बासी व नगर पालिका प्रशासन के बीच नोकझोंक हुआ। एक तरफ जहां नगर पालिका प्रशासन उस भवन को पालिका की संपत्ति बता रहा हैं तो वहीं दूसरी तरफ अख्तर अब्बासी अपना पुश्तैनी व पैतृक मकान बता रहे हैं।
दरअसल उक्त स्थान पर नेत्र शिविर का आयोजन होना है जिसके लिए बीर बहादुर नगर के सभासद साफ सफाई करा रहे थे कि पूर्व सभासद अख्तर अब्बासी ने उक्त भवन को अपना बताकर भवन की साफ-सफाई कराने से मना कर दिया। जब सभासद ने इसकी जानकारी नपा प्रशासन को दी तो नगर अध्यक्ष कृष्ण गोपाल जायसवाल मौके पर पहुंचे तो उक्त भवन को लेकर कहासुनी शुरू हो गया। शोर सुनकर भीड़ एकत्रित हो गई।
नगर अध्यक्ष कृष्ण गोपाल जायसवाल ने बताया कि पहले उक्त भवन पंचायत भवन था। जब महराजगंज को टाउन एरिया घोषित किया गया तो उसी भवन में कार्यालय खोला गया। वर्ष 1998-99 में उक्त कार्यालय को धर्मशाला में स्थानांतरित किया गया। मगर विभाग का अभिलेख व अन्य सामान उसी कार्यालय में रखा गया है।
उक्त भवन को लेकर एक तरफ जहां अख्तर अब्बासी ने अपनी पुश्तैनी व पैतृक भवन बताया है, वहीं नपा प्रशासन अपनी संपत्ति बता रहा है। उधर, अख्तर अब्बासी का आरोप हैं कि उनके निजी भवन पर नगर पालिका प्रशासन तथा एक व्यक्ति जबरियां कब्जा करना चाह रहे हैं, मगर मैंने उस पर स्थगन आदेश ले रखा है।
वहीं पर नगर अध्यक्ष कृष्ण गोपाल जायसवाल ने कहा कि उक्त भवन नगर पालिका की संपत्ति है और नपा की रहेगी। जहां तक उस पर स्थगन आदेश लेने का सवाल है इसके बारे में उन्हें जानकारी नहीं है, दो दिन में स्थिति साफ हो जाएगी। अभिलेख निकलवाए जा रहे है।