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राष्ट्रीय ध्वज देश की आत्माःडीजे

Fri, 13 Jan 2017 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूराे
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दीवानी न्यायालय के एडीआर भवन में युवा दिवस पर गोष्ठी के दौरान मौजूद जिला जज भोपाल सिंह व अन्य अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। एडीआर भवन दीवानी न्यायालय के सभाकक्ष में बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय ध्वज की सुरक्षा एवं सम्मान के संबंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तरफ से संगोष्ठी का आयोजन हुआ। जनपद न्यायाधीश भोपाल सिह ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज केवल एक प्रतीक नहीं बल्कि हमारे देश की आत्मा है। इसकी तन-मन से रक्षा एवं सम्मान करनी चाहिए। राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के लिए हमारे तमाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपना बलिदान किया है। अब यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम स्वयं राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करें तथा आने वाली पीढ़ियों को इसके लिए तैयार करें। 
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उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा परिसर तथा इंटर कालेज में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को इसके प्रति जागरूक करें ताकि वे राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान कर सके। उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्र में राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान एवं सुरक्षा अनुपालन कराना सुनिश्चित करें। कागज एवं पांलीथीन के राष्ट्रीय ध्वज को प्रयोग में लाने के लिए पूरी तरह निषेध बताया।

 अपर जिला जज कोर्ट नम्बर-3 राजेन्द्र कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज हमारे राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। तमाम भारतीयों की आशाओं एवं आकांक्षाओं की केंद्र बिन्दु है। अपर जिला जज कोर्ट नम्बर-1 जीबी शर्मा ने कहा कि भारतीय ध्वज संहिता 2002 में राष्ट्रीय ध्वज के बारे में सभी नियमों, रिवाजों, औपचारिकताओं का समावेश है। इसका पालन सभी स्कूल, कालेज एवं संस्थाओं द्वारा करनी चाहिए। 
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वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश उपाध्याय ने कहा कि भारतीय नागरिक अब रात में भी राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकते है। सामान्य रूप से राष्ट्रीय ध्वज सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही फहराया जाना चाहिए। वर्तमान राष्ट्रीय ध्वज को 22 जुलाई 1947 को आयोजित भारतीय संविधान सभा की बैठक में अपनाया गया राष्ट्रीय ध्वज केवल खादी का ही बनना चाहिए। कागज एवं पांलीथीन का राष्ट्रीय ध्वज नहीं होना चाहिए। 

 सिविल जज वरिष्ठ खंड/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दिवाकर द्विवेदी ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने पर सजा का प्रावधान है। राष्ट्रीय ध्वज के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने, लिखने एवं उसको क्षतिग्रस्त करने पर तीन साल की सजा तथा जुर्माना लगाया जा सकता है। उन्होंने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। गोष्ठी का संचालन वरिष्ठ अधिवक्ता स्वामी नाथ तिवारी ने किया। 

इस अवसर पर बेसिक शिक्षा अधिकारी जगदीश शुक्ला, पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर मुकेश प्रताप सिंह, जिला सूचनाधिकारी प्रभाकर तिवारी, अधिवक्तागण सुरेंद्र सिंह, सेंट जेवियर्स स्कूल से रमेश चंद्र डिवाइन पब्लि स्कूल के प्रधानाचार्य, आलोक रंजन विशप एकेडमी से चंद्रमणि पांडेय, विशप एकेडमी, प्रधानाचार्य जीएस गिरि, सेंट जोसेफ्स स्कूल से ए बसिल्टो समेत तमाम लोग उपस्थित रहे। अंत में प्राधिकरण की ओर से इस संबंध में छपवाए गए ब्रोसर का समुचित मात्रा में वितरण किया गया।
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