महराजगंज। बस्ती में आग लगने की घटना से यहां भी सबक लेने की जरूरत है। शहर की तंग गलियों में कई स्थानों पर आग लग जाए तो काबू पाना मुश्किल हो जाएगा। शहर के पुराने पोस्ट ऑफिस वाले मोहल्ले में तंग गलियों के बीच बने घरों के लिए मुश्किल हो सकती है।
आग लगने की घटनाओं को देखते हुए इस दिशा में प्रभावी तैयारी करने की बात पर लोगों ने जोर दिया। शहर के हमीदनगर, वीर बहादुर नगर मोहल्ले में संकरी गलियों में घर बने हैं। इन गलियों में बाइक भी ठीक से जाने में मुश्किल होती है। अगर किसी के घर के सामने साइकिल या बाइक है तो गली से गुजरना मुश्किल होता है।
मोहल्ले में मिले सत्यम ने बताया कि संकरे रास्तों की वजह से समस्या हो सकती है। अग्निशमन विभाग को भी अपने संसाधन मजबूत करने की जरूरत है। इसी तरह से अतुल कुमार ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि घनी आबादी में आग लगने पर समस्या हो सकती है।
गर्मी में अक्सर डर लगता है कि कहीं कोई हादसा न हो जाय। समस्या के समाधान के लिए जिम्मेदारों को गंभीर रहने की जरूरत है। शहर में अगल-अलग स्थानों पर इस तरह की समस्या है।
उधर, अग्निशमन विभाग की ओर से उपलब्ध संसाधनों में बेहतर कार्य करने का प्रयास जारी है। 12 ब्लॉक वाले इस जिले में यदि किसी वजह से एक समय में कई जगह आग लग गई तो क्षति रोक पाना मुश्किल होगा। आग से बचाव के लिए जिम्मेदारों को संसाधनों की व्यवस्था को और मजबूत बनाना होगा।
महराजगंज अग्निशमन केंद्र पर सीएफओ की तैनाती है। वहीं स्थायी अग्निशमन अधिकारी कोई नहीं है। लीडिंग फायर चार की तैनाती पूरी है। वहीं 27 फायरमैन भी हैं। तीन चालक की जरूरत है, लेकिन दो की तैनाती है। संसाधन की बात तो पांच हजार लीटर क्षमता का एक बड़ा फायर टेंडर है।
वहीं दो हजार लीटर क्षमता का मिनी फायर टेंडर दो है। 400 लीटर का दो वाटर मिस्ट है। बुलेट फायर बाइक दो मिली है। पंप के साथ बोलेरो कैंफर एक है। इन संसाधनों में एक-एक की और जरूरत है। वहीं आगे से बचाव के लिए एक फ्लोट पंप मिला है, जिससे कहीं भी पानी भरा जा सकता है, जैसे तालाब, नहर, पोखरा। इस संसाधनों के जरिए जिले में आग लगने की घटना पर नियंत्रण किया जाता है।