इंटर तक पढ़ा है राजन, घर वालों को उसकी करतूत की नहीं थी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र के डिगही गांव के रहने वाले हत्यारोपी राजन शर्मा को गोरखपुर में एसटीएफ ने गिरफ्तार किया तो उसके गांव तक इसकी चर्चा होने लगी। सभी लोग यही कह रहे थे कि राजन कभी-कभी आक्रामक हो जाता था। गांव में उसके दोस्तों ने बताया कि वह किसी से अपशब्द सुने लेता था तो उसे गुस्सा आ जाता था। यही उसकी कमजोरी थी।
गांव वालों के अनुसार, राजन शर्मा ठाणे में होटल प्रिंस रेजिडेंसी में करीब छह माह वेटर था। पिता से डॉक्टर बनने की इच्छा जाहिर की थी। आरोपी के पिता सुधाकर शर्मा जयपुर में काम करते हैं। उन्हें बेटे की गिरफ्तारी की जानकारी हुई तो वह वहां से घर के लिए चल दिए। गांव वालों और परिजनों को घटना समझ में नहीं आ रही है। आरोपी राजन शर्मा दो भाई है। दूसरा भाई हाईस्कूल में है।
गांव वालों के अनुसार, आरोपी जनवरी में पहली बार मुंबई में कमाने गया था। करीब डेढ़ महीने के बाद अचानक घर चला आया। फिर एक सप्ताह के बाद घर से निकल गया। परिजनों के अनुसार वह घर आया था तो किसी से कोई बात नहीं की थी। अकेले इधर-उधर रहता था।
पांच दिन पहले जब गोरखपुर से वापस आया तो नेपाल के नवल परासी जिले के खेराटी गांव स्थित एक रिश्तेदार के घर चला गया। पांच जून की रात 12 बजे एसटीएफ और कोतवाली पुलिस ने छापा मारकर छोटे भाई प्रिंस को उठा ले गई। उसके बाद राजन को पकड़ कर साथ लेकर चली गई।
बता दें कि राजन शर्मा ठाणे में होटल प्रिंस रेजीडेंसी में वेटर था। उसी होटल में काराभाई रामभाई सुवा निवासी नवयुक जिला राजकोट गुजरात कमरे नंबर 303 में ठहरे हुए थे। उसी दौरान आरोपी राजन को काराभाई रामभाई सुवा के बैग में रकम दिखाई दी। लालच में आकर राजन ने काराभाई रामभाई सुवा की हत्या कर फरार हो गया था।