महराजगंज। भारत पाकिस्तान के बीच बढ़े रहे तनाव के बीच सरहद पर डटे जवानों की मां उनका हौसला बढ़ाती हैं। जब कभी फोन आता है कि अपने अंदर हर दर्द को दबाकर बेटे की सलामती की कामना करती हैं।
उनके हर अल्फाज में भारत मां की सेवा के लिए डटकर मुकाबला करने की प्रेरणा होती है। मदर्स डे पर उन मां से बात की गई, जिनके बेटे सरहद की सुरक्षा में डटे हैं। इन दिनों हर रोज तो बात नहीं हो पा रही है, लेकिन तब बेटों को फोन आता है तो मां का हर दर्द दूर हो जाता है।
जिले में सिसवा बाजार समेत नौतनवा क्षेत्र में कई स्थानों पर भ्रमण करने पर हर जगह ताजा हालात पर चर्चा हो रही थी। लोगों ने कहा कि जब बच्चों की जिंदगी पर संकट आता है तो सबसे पहले मां ही आगे बढ़कर खड़ी होती है। वही मां, जो खुद भूखी रहकर भी अपने बच्चों का पेट भरती है। वह बच्चों की खुशी के लिए जमाने से लड़ जाती है, लेकिन बच्चे पर आंच तक नहीं आने देती।