भाभी को सांत्वना दे राम सुमेर गांव के कुछ लोगों को लेकर बच्चे की तलाश में जंगल की ओर निकल पड़े। लोगों ने हाथ में लाठी-डंडे और टार्च ले रखा था। लोगों को इस तरह जंगल की ओर जाते देख उर्मिला देवी का मन अनहोनी की आशंका से भर उठा। वह कभी घर के अंदर जातीं तो कभी बाहर आकर जंगल की ओर देखने लगतीं। ज्यों-ज्यों अंधेरा बढ़ता गया। मां की धड़कनें तेज होती गईं। इस बीच, गांव की कई महिलाएं भी उनके दरवाजे पर पहुंच चुकी थीं। अमित लौट आएगा, कहकर वे उर्मिला को सांत्वना देती रहीं, लेकिन मां की नजरें जंगल की ओर टिकी हुई थीं।
काफी देर तलाश के बाद भी जब अमित का पता नहीं चला तो गांव के लोग लौट आए। चाचा राम सुमेर ने कहा कि अंधेरा काफी हो चुका है। ऐेसे में जंगल के काफी अंदर तक जाना ठीक नहीं। सुबह फिर से बच्चे की तलाश में जंगल जाएंगे।
धीरे-धीरे गांव के लोग और महिलाएं अपने घर लौट गईं, लेकिन उर्मिला पूरी रात दरवाजे पर खड़ी जंगल की ओर से आने वाले रास्ते पर टकटकी लगाए रही। हर आहट पर कलेजा मुंह को आ जाता। गांव का कोई व्यक्ति आता दिखता तो धड़कनें तेज हो जातीं। दिल में अनजाना सा भय घर कर जाता। जैसे-तैसे रात गुजरी। सुबह राम सुमेर गांव के शाह आलम, लाल यादव, सुरेंद्र राजभर, अनिल, तबारक हुसैन, अब्दुल सत्तार, गयासुद्दीन, बैरागी चौधरी, मनोज, रामकेवल, सुग्रीव व बेचन के साथ अमित की तलाश में जंगल की ओर निकल पड़े।
काफी तलाश के बाद जंगल में बघेला नदी के पार झाड़ियों में अमित का शव पड़ा मिला। सिर धड़ से अलग था और शरीर का कुछ हिस्सा तेंदुए ने खा लिया था। सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार राय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया गया है।
पांच लाख की सहायता राशि मिलेगी
तहसीलदार नौतनवां मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि तेंदुए के हमले में मारे गए अमित के परिजनों को शासन की ओर से पांच लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
ग्रामीण जब अमित को तलाशते हुए जंगल में पहुंचे तो तेंदुआ शव के पास ही बैठा हुआ था। शोर मचाने पर तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया।
- वीरेंद्र कुमार, ग्राम प्रधान, चकदह
तेंदुए के हमले में बालक की मौत की जानकारी मिली है। वन कर्मियों की टीम पद चिन्हों की जांच करने में जुटी है। जंगल किनारे गश्त बढ़ाने के साथ ही लोगों को सचेत किया जा रहा है।
-रामबरन यादव, रेंजर, उत्तरी चौक
इससे पहले भी हमला कर चुका है तेंदुआ
- 28 दिसंबर 2016 : मोहम्मदा गांव में तेंदुए ने हमला कर 12 लोगों को घायल कर दिया था।
- 29 दिसंबर 2016 : पनियरा थाना क्षेत्र के सुचितपुर बघौना गांव में तेंदुए के हमले में दो लोग घायल हुए थे।
- 19 दिसंबर 2017 : कोल्हुई की ग्राम सभा लक्ष्मीपुर कैथवलियां में तेंदुए ने तीन लोगों को घायल कर दिया था।
- 24 मई 2018 : ग्राम पंचायत पुरुषोत्तमपुर मेें तेंदुए के हमले में चार लोग घायल हुए थे।
- 15 सितंबर 2018 : जंगल से सटे गांव ओबरी निवासी मंहगू भारती (60) को तेंदुए ने घायल कर दिया था।
- 26 मई 2020 : निचलौल रेंज के उत्तरी बीट से सटे रामचंद्रही में खेत में काम कर रहे पांच लोगों को घायल कर दिया था।
- 1 अप्रैल 2021 : गेड़हरुआ वन चौकी क्षेत्र की ग्राम सभा पटखौली में घास काटने गए केदार (60), जफरेली (40) को तेंदुए ने घायल कर दिया था।
- 17 अप्रैल 2021 : लक्ष्मीपुर रेंज के पिपरा सोहट के मैरी गांव में तेंदुए खेत में काम कर रहे दो किसानों को घायल कर दिया था।
- 28 नवंबर 2021 : बरतानी टोला में तेंदुए ने एक बालक को मार डाला था।