महराजगंज जिले के परतावल कस्बे के एक निजी अस्पताल में शनिवार देर रात प्रसव के दौरान नवजात की मौत होने के साथ मां की हालत गंभीर हो गई। इससे आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के बाहर घंटों हंगामा किया। सूचना पर पहुंची श्यामदेउरवां पुलिस व सीएचसी अधीक्षक के काफी समझाने और डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए। सीएमओ के आदेश पर अस्पताल को सील कर दिया गया। रविवार की सुबह पुलिस ने पंचनामा भरकर बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र के अंध्या टोला रसूलपुर निवासी कमलेश की पत्नी अनुराधा (25) को प्रसव पीड़ा हुई थी। परिजन 11 अक्तूबर को पहले उसे परतावल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डॉक्टर ने कहा कि अभी समय नहीं हुआ है तथा खून भी कम है, लेकिन दर्द ज्यादा होने की वजह से परिजन अस्पताल में काफी परेशान थे। इसी का फायदा उठाकर वहां मौजूद एक दलाल ने उन्हें अपने झांसे में ले लिया और सीएचसी से थोड़ी ही दूरी पर स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसव पीड़िता को भर्ती करा दिया।
परिजनों के मुताबिक 12 अक्तूबर की देर रात लगभग 11 बजे महिला ने बच्चे को जन्म दिया। थोड़ी ही देर बाद बच्चे की हालत गंभीर होने लगी। निजी अस्पताल के डाॅक्टर ने बच्चे को बाइक से ले जाकर गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कर दिया, जहां शनिवार की देर रात बच्चे की मौत हो गई। परिजन बच्चे के शव को लेकर परतावल निजी अस्पताल पर ले गए, जहां प्रसूता का इलाज चल रहा था।
वहां पहुंचने के बाद रविवार की सुबह परिजनों ने निजी अस्पताल के डाॅक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची श्यामदेउरवां पुलिस ने परिजनों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया।
मौके से निजी अस्पताल के संचालक व कथित डाॅक्टर को हिरासत में ले लिया। सीएमओ के निर्देश पर पहुंचे सीएचसी अधीक्षक डाॅ. राजेश द्विवेदी ने अस्पताल को सील कर दिया। वहीं प्रसव पीड़िता को बीआरडी मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
एसीएमओ डाॅ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। अस्पताल बिना पंजीकरण के संचालित किया जा रहा था। मामले में विभागीय कार्रवाई की जा रही है।