निचलौल। क्षेत्र के भेड़ीहारी गांव में एक मृत व्यक्ति के अलावा इंटर कालेज में तैनात एक शिक्षक और प्रधान की पत्नी, चाची, चाचा से मनरेगा मजदूरी करा ली गई है। उसके बाद खाते में भुगतान भी करा कर दिया गया है। इस गड़बड़झाले को कई दिनों से छुपाने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन मामले को चर्चा में आने पर विभाग के अधिकारी भुगतान को वापस कराने की बात कहते हुए कार्रवाई का तर्क दे रहे हैं।एसटी मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य धर्मनाथ खरवार ने विभाग के उच्चाधिकारियों से शिकायत कर कहा है कि ग्राम विकास अधिकारी द्वारा जारी परिवार पंजिका के साक्ष्य के आधार पर भेड़िहारी निवासी बदन की मौत 18 मई 2020 को हो चुकी है। जिम्मेदारों ने मृत बदन से जॉब कार्ड संख्या 737 पर 23 मई 2022 से 5 जून 2022 के बीच 14 दिनों तक वीरेन्द्र के खेत से बबलू के खेत तक नाला की खुदाई कार्य कराया है। जिसका मस्टरोल भर बड़ौदा यूपी बैंक बैठवलिया में मृत बदन के खाते 2,892 रुपया भुगतान किया गया है। इतना ही नहीं वर्तमान ग्राम प्रधान के नाम से जॉब कार्ड संख्या 1019 पर प्रधान की पत्नी रागिनी सिंह बढ़या सिवान सुकई के खेत तक नाली सफाई कार्य में 28 दिनों तक मजदूरी कराकर 5,964 रुपया का भुगतान खाते में कराया गया है। कृषक इंटरमीडिएट कालेज बढ़या फॉर्म में तैनात एक अध्यापक नन्दकुमार सिंह से जॉब कार्ड संख्या 292 पर 44 दिनों की मनरेगा मजदूरी कराकर मस्टरोल भर 9372 रुपया खाते में भुगतान कराया गया है। इसी तरह जिम्मेदारों ने ग्राम प्रधान के चाचा दिग्विजय सिंह के जॉब कार्ड संख्या 326 पर 44, चाची प्रतिभा सिंह के जॉब कार्ड संख्या 224 पर 44,सीमा सिंह के जॉब कार्ड संख्या 223 पर 44 दिनों का मस्टरोल भर रकम को खाते में भुगतान कराया गया है।
खंड विकास अधिकारी चंद्रशेखर कुशवाहा ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है। मामले की जांच कराकर लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की कराई जाएगी।