पांच सूत्रीय मांगों को लेकर शनिवार को छठवें दिन मनरेगा कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय पर काली पट्टी बांधकर कार्य बहिष्कार किया। इस दौरान मनरेगा कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारे बाजी करते हुए उपेक्षा का आरोप लगाया।
मनरेगा कर्मचारियों ने कहा कि सरकार हम लोगों की मांगों पर विचार नहीं कर रही है। इससे मनरेगा कर्मचारी ठगा महसूस कर रहे है। अंकित श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश सरकार को अपने मनरेगा कर्मचारियों की कोई चिंता नहीं है। सरकार के पास सिर्फ मनरेगा कर्मचारियों को सुविधा देने के नाम पर कुछ नहीं है। अविनाश शुक्ल ने कहा कि सरकार अगर हमारी मांगों पर विचार नहीं करेगी तो मनरेगा कर्मचारी कार्यों का बहिष्कार जारी कर इसी तरह संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के इस रवैये से मनरेगा कर्मचारी पिछे नहीं हटने वाले है। सरकार को हमारी मांगों पर विचार करना ही पड़ेगा। अजीत पांडे ने कहा कि सरकार जब तक हमारे पांच सूत्रीय मांगों पर विचार नहीं करती तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि समस्त कर्मचारी 13 अक्टूबर को लखनऊ में होने वाले धरने को सफल करने के लिए तैयारी कर लें।
इस दौरान संत कुमार, शिवेंद्र प्रताप सूर्य वंशी, माधव प्रसाद द्विवेदी, रामाआज्ञा प्रसाद, अविनाश शुक्ल, यशवंत यादव, संदीप सिंह के अलावा तमाम कर्मचारी उपस्थित रहे।