कलेक्ट्रेट परिसर में मिशन कर्मियों ने किया प्रदर्शन
डीएम को सौंपा ज्ञापन, कहा-शिक्षा भत्ता, लैपटॉप भत्ता, मोबाइल भत्ता व सेल्फ लर्निंग भत्ता नहीं मिल रहा है
वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग की
महराजगंज। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े कर्मियों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। सभी कर्मियों ने कहा कि समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। संबंधित अधिकारी समस्याओं पर गंभीर नहीं हैं। मिशन कर्मचारियों को शिक्षा भत्ता, लैपटॉप भत्ता, मोबाइल भत्ता एवं सेल्फ लर्निंग भत्ता नहीं मिल रहा है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के कर्मी संजय कुमार गुप्ता, रामसकल यादव, अभय कुमार ने कहा कि जिला स्तर पर (डीएमएमयू) एवं विकास खंड स्तर पर (बीएमएमयू) में निर्धारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से उनकी योग्यता एवं अनुभव के आधार पर पदोन्नति की जाए। माडल मानव संसाधन नियमावली नवंबर-2015 से लागू किया जाता है एवं 7 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि भी नवंबर 2015 से लागू की जाती है। इसके क्रम में मिशन निदेशक ने 20 नवंबर, 2017 को 12वीं शासकीय निकाय के समस्त निर्णयों को लागू किया।
इस आधार पर ब्लॉक स्टाफ का न्यूनतम वेतन 20,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये एवं जनपद स्तर के स्टाफ का वेतन 40,000 रुपये से बढ़ाकर 45,000 रुपये प्रतिमाह नवंबर 2015 से करते हुए एरियर भी प्रदान किया गया। राज्य स्तर के मिशन स्टाफ को नवंबर 2015 से 7 प्रतिशत की दर से दो बार वेतन वृद्धि भी दी गई। लेकिन, जनपद एवं ब्लॉक स्तर के स्टाफ को आज तक 2015 से कोई वेतन वृद्धि/एरियर नहीं हुई।
स्थायी कर्मियों के स्थानांतरण करते हुए समायोजन किया जाए। शोषण आधारित आउट सोर्सिंग व्यवस्था को समाप्त कर पुन: विभागीय संविदा पर नियुक्त किया जाए। कर्मियों ने कहा कि समस्त मांगों का लाभ मिशन स्टाफ को वास्तविक रूप में प्राप्त नहीं हो जाता है, तब तक नई भर्ती न की जाए। इस दौरान विजय, संतोष, अस्मिता सिंह, विजय, मनोज, शेषनाथ, विपिन, संतोष, रामसेवक आदि मौजूद रहे।