शुक्रवार सबसे ठंडा दिन, 6.1 डिग्री सेल्सियस रहा न्यूनतम तापमान
2018 में 6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ था न्यूनतम पारा
महराजगंज। 9 जनवरी 2026 सीजन का सबसे ठंडा दिन साबित हुआ। शुक्रवार को जनपद का न्यूनतम पारा 6.1 और अधिकतम तापमान 13.7 रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले 2018 में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। तब अधिकतम पारा 19 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था।
घने बादलों के साथ पछुआ की रफ्तार ने शुक्रवार को वर्ष का सबसे ठंडा दिन बना दिया। बृहस्पतिवार को तेज धूप के बाद भी पछुआ के कारण ठंड अधिक रही।शुक्रवार को बादलों का धुंध पूरे दिन छाया रहा और कोहरा न होने के बाद 10 किमी प्रति घंटा की रफ़्तार वाली पछुआ हवा ने शीत दिवस जैसा एहसास कराया। बर्फीली ठंड लोगों के लिए दुश्वारी खड़ी करने लगी है। सर्दी से बचाव के कारण न सिर्फ लोगों को आवागमन कम करना पड़ा है, बल्कि अधिकतर वक्त घर पर रहकर ही गुजारना पड़ रहा है। बावजूद इसके गलन भरी ठंड से राहत नहीं मिल रही है।
ठंड से बचाव के लिए न सिर्फ लोगों को आवागमन कम करना पड़ा है बल्कि अधिकतर वक्त घर में रहकर ही गुजारना पड़ रहा है। बावजूद इसके गलन भरी ठंड से राहत नहीं मिल रही है। लंबे समय तक रजाई व गर्म कंबल में बैठने से दिनचर्या बिगड़ गई है। अलाव का प्रबंध ही इस गलन भरे सर्दी में राहत का माध्यम बन रहा है। वहीं बाहर निकलने वालों को अलाव की गर्मी भी गलन से राहत नहीं दिला पा रही है। लोग हाथ सेंक रहे हैं तो शरीर के अन्य हिस्से में ठंड लग रही है। जैसे ही अलाव से लोग दूर जा रहे हैं ठंड से परेशानी बढ़ जा रही है। शुक्रवार को कोहरा न होने के बाद भी सुबह व शाम के समय दृश्यता जहां शून्य रही वहीं दोपहर में 50 मीटर के दायरे में सिमटी रही। धुंध से सर्वाधिक असुविधा वाहन चालकों को झेलनी पड़ी। डूबने के बाद गलन की बढ़ोतरी ने बाहर निकले लोगों को जल्द घर पहुंचने पर मजबूर किया।
वर्जन
त्रिमोहानी में रिकॉर्ड मौसम के मुताबिक, शुक्रवार सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। न्यूनतम तापमान 6.01 व अधिकतम 13.07 रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले 2018 में न्यूनतम तापमान 6.00 व अधिकतम 19 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था। आगामी एक सप्ताह में तीन दिन तक किसी तरह के बदलाव की उम्मीद नहीं है। बादल शनिवार भी छाए रहेंगे। दृश्यता भी कम बनी रहेगी। 12 जनवरी के बाद आंशिक सुधार के संकेत हैं।
-अतुल कुमार सिंह, प्रभारी, आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र।