महराजगंज। जिला अस्पताल के आयुष विंग में एक माह से दवाएं खत्म हो गई हैं। इससे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। मौसम में बदलाव से एलर्जी, डायरिया और खांसी की दवा की मांग बढ़ रही है। दवा न होने से मरीजों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। इससे अस्पताल में होने वाली ओपीडी 100 के बजाए घटकर महज 30 से 40 रह गई है।
लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला अस्पताल में चल रहे आयुष विंग में तीन चिकित्सकों की तैनाती है। अस्पताल में पिछले एक माह से दवा कम हो गई है। विभाग की ओर से कई बार अधिकारियों को पत्र भेजकर दवा की मांग की जा चुकी है, मगर आपूर्ति न होने से इलाज कराने के लिए आने वाले मरीजों को लौटाया जा रहा है।
अस्पताल में दवा न मिलने के कारण अस्पताल में मरीजों की संख्या कम हो गई है। चिकित्सकों का कहना है कि अस्पताल में रोजाना लगभग 100 ओपीडी होती थी, मगर अब सिर्फ 30 से 40 से हो रही है। दवा खत्म होने के कारण मरीज अस्पताल नहीं आ रहे हैं। अस्पताल में सबसे अधिक मरीज लवण भास्कर चूर्ण, अविपतिकर चूर्ण, शीतोपलादि चूर्ण की मांग करते हैं। इन्हीं दवाओं की मांग अधिक रहती है।
बरगदही के रामप्रकाश ने बताया कि पिछले कुछ दिन से तबीयत खराब चल रही है। अस्पताल में दवा लेने आया था, मगर स्टोर में तैनात कर्मचारी का कहना है कि दवा नहीं है, अब बाहर से ही दवा खरीदनी पड़ेगी। चेहरी की सुमित्रा देवी ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण एलर्जी और खांसी की समस्या है। आयुर्वेदिक दवा नहीं मिली।