महराजगंज। प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में जिले की आधे से अधिक बसें भेज दी गई हैं। इससे यात्रियों को घंटों खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं इसका लाभ ऑटो, निजी वाहन चालक उठा रहे हैं। चालक भेड़-बकरियों की तरह सवारियां भर रहे हैं। ऊपर से किराया भी ज्यादा वसूल रहे हैं। विरोध करने पर यात्रियों से नोकझोंक भी हो जा रही है।
महराजगंज से गोरखपुर, ठूठीबारी, सोनौली जाने के लिए हर घंटे बस मिलती थी, लेकिन प्रयागराज में लगे माघ मेले में 20 बसों के चले जाने से यात्रा करने में काफी परेशानी हो रही है। बसों के कम होने से शहर में यात्रियों की भीड़ और बढ़ गई हैं, जो बसें बची हैं वह काफी देर बाद आ रही हैं। यात्रियों को सीट पाने के लिए धक्का-मुक्की करनी पड़ रही है। कई बसों में सीटें भी नहीं मिल पा रही हैं। खड़े होकर लोग यात्रा करने को मजबूर हैं।
शनिवार को स्टेशन पर बस का इंतजार कर रहे श्यामदेउरवा निवासी देवेंद्र शर्मा ने बताया कि दो घंटे से बस का इंतजार कर रहा हूं। ऑटो रिक्शा वाले तीन की जगह 10 सवारी बैठा रहे हैं। इसलिए ऑटो रिक्शा से जाने का मतलब जान जोखिम में डालना है। महराजगंज डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक सर्वजीत वर्मा ने बताया कि जरूरत के अनुसार बसों को संबंधित रूटों पर भेजा रहा है।
बस स्टेशन पर ई-रिक्शा रुकने से बढ़ी परेशानी
महराजगंज। शहर में इस समय सैकड़ों की तादात में ई-रिक्शा सवारियों को ढो रहे हैं। बस स्टेशन पर उनका पूरी तरह से कब्जा है। इससे लोगों को आए दिन जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। बस स्टेशन के बाहर दिनभर ई-रिक्शा खड़े रहते हैं। जब बसें वहां पर पहुंचती हैं, तब बस के चारों तरफ चालक ई-रिक्शा लगा देते हैं। इससे उतरने और बस में चढ़ने वाले यात्रियों को काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। इस बात को लेकर उनके बीच हमेशा विवाद भी होता रहता है। यात्री रमेश, दिनेश, रामकेश ने बताया कि इन अव्यवस्थाओं को सुधारने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई बहुत जरूरी है। यात्रियों को परेशानी न हो इसके लिए ई-रिक्शा वालों के लिए पार्किंग की व्यवस्था बनानी चाहिए। यातायात प्रभारी अरूणेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शहर में अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। संवाद