महराजगंज। मरीजों की दुश्वरियां कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। 50 रुपये पत्ते की दवा खरीदने के लिए 300 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। वह विशेष दवा डॉक्टर के क्लीनिक पर ही मिलती है। ऐसे में मरीज विवश होकर वहीं पहुंचते हैं। मरीजों के अनुसार चार दवा लिखी है तो उसमें से दो दवा ऐसी रहती है कि वह सिर्फ डॉक्टर के क्लीनिक पर ही मिलती है। अरनहवा के रामप्रसाद की मां को पीठ में दर्द की समस्या है। उनका इलाज गोरखपुर में एक डॉक्टर के वहां होता है। लिखी गई दवा में एक दवा के लिए गोरखपुर में ही डॉक्टर के क्लीनिक पर एक माह में जाना पड़ता है। वह दवा महराजगंज में नहीं मिलती है।
शहर के हमीदनगर के रहने वाले वसीम कहते हैं कि शुगर, बीपी के साथ अन्य समस्या है। गोरखपुर से एक डॉक्टर के वहां से दवा चलती है। एक दवा ऐसी है जो वहीं मिलती है। 50 रुपये पत्ते की दवा खरीदने के लिए गोरखपुर आने-जाने में करीब 300 रुपये खर्च हो जाते हैं। इसी तरह से विस्मिल नगर के सत्तन बताते हैं कि गोरखपुर बाल रोग विशेषज्ञ से बच्चे का इलाज होता है। पर्चे पर लिखी दवा डॉक्टर साहब के क्लीनिक पर ही मिलती है। इस वजह से गोरखपुर जाना पड़ता है। दवा अगर महराजगंज में मिल जाती है तो 60 किमी दूरी तय नहीं करनी पड़ती। समस्या तो होती है, लेकिन दवा जरूरी है।
इसी तरह से गांधी नगर के बृजकिशोर कहते हैं कि पेट संबंधी समस्या है। बीते दिन दवा समाप्त हो गई तो शहर में कई मेडिकल स्टोर पर पता किया, लेकिन दवा नहीं मिली। समस्या को देखते हुए एक ही बार माह भर की दवा खरीद कर लाया हूं। डॉक्टर ने बताया कि दवा लंबी चलेगी, इस वजह से एक बार ही खरीद लेता हूं। समाप्त होने पर समस्या होती है।