महराजगंज। सरकार निर्बल आय वर्ग वाले परिवार के लिए सामूहिक विवाह योजना चला रखी है, लेकिन 10 माह बाद भी समाज कल्याण विभाग आधा लक्ष्य भी नहीं प्राप्त कर सका।
विभागीय लचरता के चलते सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग में भी पहले पायदान पर रहने वाला जिला तीसरे पायदान पर जा पहुंचा।
वित्तीय सत्र 2024-25 के लिए निदेशक समाज कल्याण की तरफ से जिले को 2292 जोड़ों की शादी का लक्ष्य मिला था, लेकिन स्थित यह है कि वित्तीय सत्र पूर्ण होने में महज दो माह शेष हैं और जिले से महज 657 जोड़ों को ही इसका लाभ अबतक दिया जा सका है। 1635 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराना अभी भी शेष है। विभाग की सक्रियता और प्रगति का आंकड़ा देखकर यह नहीं लगता कि सीमित समय में इस लक्ष्य को विभाग पूरा भी कर पाएगा।
कर्मी इसके लिए अपने ही विभाग को दोषी मानने से भी नहीं चूक रहे हैं। उनका कहना है कि इस सत्र में मार्च से लेकर सितंबर तक जिला समाज कल्याण अधिकारी के बिना ही जिला रहा, जिसका काफी असर पड़ा और नगर निकाय और ब्लाॅक कार्यालयों ने खूब उदासीनता बरती। अक्तूबर से अब तक अधिकारी मिलने के बाद इस लक्ष्य तक ही किसी तरह पहुंचा जा सका है।