महराजगंज। फरवरी माह शुरू होते ही तापमान तेज धूप के कारण बढ़ने लगा और 30 डिग्री तक पहुंच गया था। महीने के अंतिम सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवा और बादलों ने धूप को कमजोर करते हुए तापमान गिराने का कार्य किया।
शुक्रवार को जहां बादलों का डेरा रहा वहीं शनिवार की दोपहर में हल्की बारिश हुई। इसके बाद अधिकतम तापमान 24 और न्यूनतम 15 डिग्री पहुंच गया। मौसम के बदले मिजाज से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है। शनिवार को दिनभर बादल और धूप के बीच लुकाछिपी का न सिर्फ दौर चला बल्कि दोपहर एक से दो बजे के बीच करीब 10 मिनट तक झोंकेदार बारिश ने उड़ती धूल को शांत किया।
कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक बारिश और होती है तो सबसे ज्यादा तिलहनी फसलों को नुकसान होगा जो तैयार हैं। वहीं पछेती फसल को लाभ बताया जा रहा। मौसम विज्ञानी के अनुसार, आगामी दिनों में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी रविवार भी जारी रह सकती है। जनपद में 26760 हेक्टेयर में सरसो की फसल है, जिसमें 560 हेक्टेयर की अगेती प्रजाति को बारिश से नुकसान होगा।
वहीं 2.48 लाख हेक्टेयर गेहूं को फायदा मिलने की उम्मीद है क्योंकि इस बार गेहूं अधिकांश विलंब से बोया गया। जवाहर लाल नेहरू स्मारक पीजी काॅलेज के भूगोल विभागाध्यक्ष दिवाकर सिंह ने बताया कि एक दो दिन तक मौसम ऐसे ही रह सकता है। इसके बाद मौसम गर्म होगा।
बारिश से पछेती गेहूं को फायदा होगा, लेकिन अगैती खेती करने वाले किसानों की सरसों की फसल को नुकसान हो सकता है। गेहूं की दुग्धावस्था चल रही है, इस दौरान बारिश फायदेमंद हो सकती है।
-वीरेंद्र कुमार सिंह, उप कृषि निदेशक