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मदनपुरा गोसदन : अब सीसीटीवी कैमरे से होगी निगरानी

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मदनपुरा गोसदन में सीसीटीवी लग रहे कैमरे को देखते बीडीओ राहुल सागर।
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महराजगंज/निचलौल। मिठौरा के गांव मदनपुरा स्थित गोसदन में भ्रष्टाचार का मामला सामने आने के बाद सचिव को निलंबित किए जाने से मामले से जुड़े जिम्मेदार व्यवस्था को सुधारने में जुटे हैं। प्राथमिक स्तर की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई के बाद उच्चस्तरीय जांच-पड़ताल के लिए टीम गठित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। शुक्रवार को परिसर की साफ-सफाई के साथ ही सीसीटीवी कैमरे लगाए गए।
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शुक्रवार को खंड विकास अधिकारी की मौजूदगी में साफ-सफाई कराने से लेकर सीसीटीवी कैमरे लगवाने का कार्य तेजी से किया गया। ग्राम प्रधान और ब्लॉक के जिम्मेदारों के संरक्षण में गोसदन की दुर्व्यवस्था अब जगजाहिर हो चुकी है। हर तरफ चर्चा हो रही है कि गोसदन परिसर में मिले पशुओं के कंकाल कहीं से लाए गए या मरने के बाद गायों को बिना जांच-पड़ताल के परिसर में ही दफन कर दिया गया। यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। लेकिन परिसर में चारों ओर फैली गंदगी, बाड़े में भूसा के साथ गोबर मिलना, परिसर में पशु आहार न मिलना और गोसदन के सामने घूम रहे गोवंश बदहाली की सही तस्वीर पेश कर रहे हैं।
ग्रामीण सुरेन्द्र, राजकिशोर, मुकेश, मुन्ना आदि ने बताया कि योगी सरकार बनने के बाद से गोसदन के दिन बहुरने की उम्मीद भी थी। शुरुआत में गोसदन की बदहाल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिम्मेदारों ने जोर दिया था। गोसदन के सहयोग के लिए आम लोग भी आगे आए।
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सरकारी बजट से गोसदन के बाउंड्रीवाल के साथ, मिट्टी भराई, बाड़े और पशु शेड का भी निर्माण कराया गया। जैसे ही गोसदन के बेहतरी के लिए सरकारी बजट मिला। बहुतों की नजर गोसदन पर पड़ गई। सूत्र बताते हैं कि पशुओं की सुरक्षा के ठोस प्रबंध नहीं होने से गोवंश गोसदन के आसपास घूमते हैं। पशुओं की मौत, गोवंशों के खराब स्वास्थ्य के साथ ही परिसर में बिखरे कंकाल ने गोसदन की सच्चाई को सभी के सामने ला दिया। निचलौल एसडीएम सिद्धार्थ गुप्ता ने बताया कि प्राथमिक स्तर की जांच रिपोर्ट पर सचिव कौशलेंद्र कुशवाहा को निलंबित किया जा चुका है। ग्राम प्रधान को नोटिस जारी किया गया है। आगे की कार्रवाई के लिए डीएम की ओर से टीम गठित कर मामले की जांच कराई जाएगी। दोषियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लगाए गए पांच सीसीटीवी कैमरे : गोसदन में मौजूद खंड विकास अधिकारी राहुल सागर ने बातचीत के दौरान बताया कि गोसदन पर निगरानी बढ़ाने के लिए मुख्य गेट से लेकर पूरे परिसर की निगरानी करने के लिए पांच सीसीटीवी कैमरा लगाए जा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या और बढ़ा दी जाएगी। दो न्याय पंचायतों के सफाई कर्मियों को लगाकर साफ-सफाई कर दवा का छिड़काव कराया गया है।
बीमार दोनों गोवंशीय पशुओं के हालत में काफी सुधार है। मुख्य गेट पर गोसदन का नाम लिखवाया जा रहा है। पशुओं के लिए गोसदन में 15 दिनों के लिए भूसा उपलब्ध है।
25 बोरी साइलेज के साथ ही 19 बोरी चोकर व 9 बोरी कपिला पशु आहार मौजूद है। पशुओं का दवा भी उपलब्ध है। वर्तमान में गोसदन में 44 गौवंशीय पशु हैं।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
मदनपुरा गोसदन में भ्रष्टाचार के मामले में सचिव निलंबित किए जाने की कार्रवाई कोई नई बात नहीं है। 2019 में जिला गोसदन मधवलिया में बड़े पैमाने पर अनियमितता का मामला सामने आया है। कागजों में 2,500 गोवंश बताए गए थे लेकिन भौतिक सत्यापन में 954 ही मिले। बावजूद इसके खर्चे में कटौती नहीं की गई। वहीं, करीब 300 एकड़ जमीन को किसानों व फर्मों को दे दिया गया था। शासन ने तत्कालीन डीएम अमरनाथ उपाध्याय, एसडीएम सत्यम मिश्रा, उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर वीके मौर्य व मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव उपाध्याय को निलंबित कर दिया था। साथ ही एफआईआर दर्ज करने के भी आदेश दिए गए थे।
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