युवाओं को नमाज के लिए पसंद आ रहे पठानी कुर्ते
शुद्ध कॉटन के कुर्तों की बाजार में हो रही सर्वाधिक बिक्री
महराजगंज। इस्लाम का पवित्र त्योहार ईद-उल-अजहा (बकरीद) आज मनाया जाएगा। त्योहार की वजह से कुछ दिनों से बाजार में रौनक देखी जा रही है। बाजार में कपड़ों की बिक्री सर्वाधिक हो रही है। युवा त्योहार की खरीद में सबसे आगे दिख रहे हैं। नमाज के वक्त के लिए उन्हें पठानी सूट भा रहा है। वहीं महिलाओं व किशोरियों को हैंडवर्क ड्रेस पसंद आ रहे हैं। बुधवार की रात को लोगों ने जमकर खरीदारी की।
इस्लाम में ईद व बकरीद का खास महत्व है। दोनों ही त्योहारों में नए कपड़ों की खरीदारी खूब होती है। लोगों ने बकरीद की खरीदारी बुधवार की शाम को पूरी कर ली। इस दौरान कपड़ों के साथ कॉस्मेटिक व जुते-चप्पलों के दुकानों पर खासी भीड़ दिखी। सर्वाधिक भीड़ निचलौल मार्ग पर रही क्योंकि अधिकतर रेडीमेड व थोक कपड़ों की दुकानें इसी रोड पर हैं।
पीजी कॉलेज के निकट शोरूम संचालित कर रहे अभिषेक जायसवाल ने बताया कि युवा कपड़ों की खरीदारी में सबसे आगे हैं। वह नमाज के लिए अलग व मेहमान नवाजी के लिए अलग-अलग लुक वाले कपड़े खरीद रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके यहां सर्वाधिक बिक्री लखनवी पठानी कुर्ते व चूड़ीदार पायजामे की है। पठानी कुर्ते की पहचान अब सिर्फ सीधे कट और कॉलर डिजाइन तक सीमित नहीं है।
नए डिजाइन में हल्के रंग, कम कढ़ाई और थोड़ी ढीली फिटिंग को युवा तरजीह दे रहे हैं जिससे नमाज अदा करते समय कोई दिक्कत न होने पाए। रंगों में सर्वाधिक डिमांड सफेद रंग की है। मेहमानों के स्वागत के लिए ढीले अफगानी ब्लैक कुर्ते व सिंपल पायजामे को ज्यादा युवा पसंद कर रहे हैं। अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि महिलाओं और युवतियों के बीच शरारा-गरारा, अनारकली सूट के साथ लखनऊ चिकनकारी कुर्तियां की बिक्री सबसे अधिक हो रही है।
इसके अलावा, गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए हल्के और आरामदायक डिजाइनर दुपट्टे और फ्लोरल प्रिंटेड मैक्सी ड्रेसेस की बिक्री अधिक हो रही है। नेवी ब्लू कलर जरी वर्क वाली लॉन्ग कुर्ती सर्वाधिक बिक रही। अनारकली सूट की रेंज 1600 रुपये से शुरू है वही लखनऊ चिकनकारी कुर्तियां 700 रुपये से शुरू हैं। बच्चों के लिए हल्के रंग की जगह गाढ़े रंग के कुर्ते सर्वाधिक बिक रहे। इसे जीन्स पैंट के साथ बच्चों के लिए खरीदा जा रहा है।
जयपुरी जूतियों की मांग ज्यादा
फुटवियर में युवा पठानी कुर्ते के साथ अलग लुक के लिए जयपुरी जूतियों की मांग सर्वाधिक कर रहे हैं। मुख्यालय के कारोबारी अनवर ने बताया कि जयपुरी जूतियां 180 रुपये से 200 की रेंज में है। संजय चौधरी ने बताया कि महिलाएं अलग-अलग कंपनियों के सैंडल पसंद कर रही हैं।
बकरीद पर बिखरेगी कन्नौज के इत्र की खुशबू
वैश्विक तनाव के चलते नहीं पहुंच रही खाड़ी देशों के इत्र की खेप
व्यापारियों ने कन्नौज से मोगरा व गुलाब प्रीमियम जैसे इत्र मंगाए
महराजगंज। बकरीद पर इस बार कन्नौज के इत्र से जिले की आबोहवा महकेगी। साथ ही इत्र लगाकर इस्लाम के अनुयायी मेहमानों का स्वागत भी करेंगे। कारण कि वैश्विक तनाव के कारण खाड़ी देशों से आने वाला महंगा इत्र इस बार नहीं पहुंच सका है। इस वजह से सुगंध के कारोबारियों ने कन्नौज से बिक्री के लिए तरह-तरह सुगंधों वाले इत्र मंगाया है।
इस्लाम के जानकार मौलाना असगर जमील के मुताबिक सुगंधित इत्र इस्लाम अनुयायियों में काफी महत्व रखता है। ईद व बकरीद की नमाज से पहले लगभग हर नमाजी खुद को तैयार करते समय इत्र लगाना नहीं भूलता। इसके अलावा ईद व बकरीद के दिन घर आने वाले मेहमानों का स्वागत भी बेहतरीन किस्म का इत्र लगाकर करने की परंपरा है। इसके चलते ईद व बकरीद के दौरान इत्र की बिक्री भी बढ़ती है।
इत्र कारोबारी मनोज कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष तक ईद अथवा बकरीद में खाड़ी देशों से आने वाले इत्रों की डिमांड अधिक रहती थी। इसमें सर्वाधिक अरेबियन ऊद व अरेबियन नाइट नाम से मिलने वाले इत्र की रहती थी। यह सबसे महंगा इत्र अपने क्लासिक सुगंध के कारण माना जाता जिसके 50 एमएल पैक की कीमत लगभग 700 से 800 रुपये रहती। डिमांड के कारण प्रति वर्ष इसके छोटे बड़े बाटल बिक्री के लिए मंगाए जाते थे। लेकिन इस बार पहले ईद तो अब बकरीद वैश्विक तनाव के बीच पड़ने से खाड़ी देशों से इसे नहीं मंगाया जा सका। इसके स्थान पर इस बार कन्नौज के मोगरा व गुलाब प्रीमियम जैसे इत्र मंगाए गए हैं जिसकी बिक्री इन दिनों तेजी पर है।