महराजगंज। लोकसभा चुनाव के लिए मतदान हो चुका है। अब सभी की नजरें परिणाम पर टीकी हैं। बीते दिन वोटिंग किस आधार पर हुई इसको लेकर चर्चाएं हो रही हैं। चुनाव में जातीय फैक्टर पर विशेष जोर रहा। मतदान के दिन भी बिरादरी के नाम पर जमकर वोटों की बारिश हुई। बिरादरी में भी मध्यम, अमीर और गरीब सभी का अलग-अलग चयन का आधार रहा। जिले में 60.8 प्रतिशत मतदान हुआ। इस बार दलित समाज का वोट भाजपा व गठबंधन में सिफ्ट हुआ है।
क्षेत्रवार हुए मतदान पर नजर डालें तो सदर विधानसभा में शुरुआत में वोटिंग से गठबंधन को मजबूती मिली, लेकिन दोपहर बाद रूख बदल गया। मौसम की तरह से ही वोटरों के मिजाज को भी कोई भांप नहीं सका। शहर में यादव, मुस्लिम गठबंधन की ओर गए तो कायस्थ, ब्राह्मण, वैश्य भाजपा के पक्ष में रहे। वैसे भी इस बिरादरी को भाजपा का कोर वोटर माना जाता है। इसके अलावा अन्य बिरादरी के वोट भी भाजपा में जाना बताया जा रहा है। मुस्लिम बहुत क्षेत्र में एकतरफा वोट गठबंधन को वोट मिला है।
पनियरा विधानसभा क्षेत्र में निषाद और सैंथवार बिरादरी का ज्यादा वोट बताया जा रहा है। यह भाजपा के साथ गई। वहीं गठबंधन को एमवाई फैक्टर व दलित वोट बैंक से मजबूती मिली है। पूरे लोकसभा क्षेत्र में बसपा की स्थिति बेहद खराब मानी जा रही है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, बसपा का वोट दो तरफ सिफ्ट हुआ है। सबसे ज्यादा भाजपा में जाने की बात कही जा रही है।
वहीं गठबंधन को 25 प्रतिशत दलित वोट जाने का अनुमान है। नौतनवा में भी ब्राह्मण मत सीधे भाजपा में जाने की चर्चा है। इस क्षेत्र में ब्राह्मण वोटरों की अच्छी खासी संख्या है। कारोबारी वर्ग व महिलाओं ने भाजपा को एकतरफा वोटिंग की है। इस क्षेत्र में गठबंधन को कुछ खास बढ़त नहीं मिली है, लेकिन मतों में बिखराव कर टक्कर कांटे की कर दी है। सिसवा क्षेत्र को भाजपा का गढ़ माना जाता है।
जवाहर लाल नेहरू पीजी काॅलेज के राजनीति विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ. राहुल कुमार सिंह ने बताया कि जातीय वोट के गुणा गणित के आधार पर चुनाव परिणाम पर नजर डाले तो भाजपा को यह सीट मिलती दिख रही है। क्योंकि भाजपा के कोर वोटर, ब्राह्मण, कायस्थ, क्षत्रिय, बनिया कहीं छिटके नहीं हैं। राजभर और निषादों का पूरा सहयोग मिला है। कुर्मी वोटरों में बंटवारा हुआ है।
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जातीय समीकरण अनुमानित
सवर्ण - 7 लाख
ओबीसी -8 लाख
दलित - 3 लाख
मुस्लिम- 1.94 लाख