महराजगंज। स्थानीय दीवानी न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार को हुआ। इसमें 55,505 वादों का निस्तारण किया गया। जनपद न्यायाधीश, अजय कुमार सिंह ने लोक अदालत का शुभारंभ किया। वादों का निस्तारण हुआ तो वादकारियों के चेहरे खिल उठे।
जनपद न्यायाधीश ने एक वाद का निस्तारण किया। पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधीकरण ने 29 वादों को निस्तारित करते हुए 1,75,30,000 रुपये का क्षतिपूर्ति दिलवाई। प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय की ओर से 14 वैवाहिक वादाें का निस्तारण किया गया। वहीं स्थाई लोक अदालत के दो वाद निस्तारित हुए, जिसमें 7 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दिलवाई गई।
विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) महराजगंज ने 139 वादों का निस्तारण किया, जिसमें 500 रुपये का अर्थदण्ड वसूल किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 1565 वादों का निस्तारण किया, जिसमें 2,15,675 रुपये का अर्थदंड वसूला गया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महराजगंज ने 518 वादों का निस्तारण किया, जिसमें 12,120 रुपये अर्थदंड वसूल किया गया।
8,51,289 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी किया गया। सिविल जज, प्रवर खण्ड, महराजगंज ने 3 वादों का निस्तारण किया, जिसमें 19,62,813 रुपए का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया गया। सिविल जज, जूडि./न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 626 वादों का निस्तारण करते हुए 12,500 रुपये का अर्थदंड व 4,32,856 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया।
न्यायिक मजिस्ट्रेट, महराजगंज ने 1993 वादों का निस्तारण किया, जिसमें 8130 रुपये का अर्थदंड वसूल किया। अपर सिविल जज, अवर खंड-1 महराजगंज ने 62 वादों, अपर सिविल जज, अवर खंड-3 महराजगंज ने 50, न्यायाधिकारी, ग्राम न्यायालय नौतनवा ने 227, न्यायाधिकारी, ग्राम न्यायालय निचलौल ने 250 वादों का निस्तारण किया।
सिविल जज, अवर खंड, फरेंदा ने 621 वादों का निस्तारण किया, जिसमें 1,06,170 रुपये अर्थदंड वसूल किया गया। राजस्व एवं चकबंदी न्यायालयों ने 48366 लंबित/प्री-लिटीगेषन वादों का निस्तारण किया।
पुलिस अधीक्षक, सोमेंद्र मीणा, जिलाधिकारी अनुनय झा, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय रवि नाथ, पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण अखिलेश कुमार पाठक, अध्यक्ष स्थाई लोक अदालत राकेश मालवीय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एससीएसटी) संजय मिश्र आदि मौजूद रहे।