फरेंदा हाईवे का नाला चोक, कोतवाली के सामने टूटा है स्लैब
बिना सहूलियत दिए लाइसेंस फीस बढ़ाने से कारोबारियों में असंतोष
महराजगंज। नगर पालिका परिषद महराजगंज ने बुधवार को मैरिज हॉल, होटल-रेस्टोरेंट, अस्पताल व अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के वार्षिक लाइसेंस फीस में बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव पास किया है। लेकिन सुविधा सहूलियत की बात करें तो यह बहुत कम है। कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि बिना सहूलियत दिए बरात घर या निजी अस्पतालों की लाइसेंस फीस बढ़ाना पूरी तरह से मनमानी है।
बुधवार नगर पालिका महराजगंज के बोर्ड की बैठक में आम नगर वासियों को जलकर व गृहकर में 30 फीसदी की कमी देकर राहत देने का सुझाव है, वहीं बरात घर, निजी अस्पताल व अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के वार्षिक लाइसेंस फीस में बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया गया है। कारोबारियों का कहना है कि बिना सहूलियत आखिर वार्षिक लाइसेंस फीस क्यों बढ़ाया जा रहा है जबकि धरातल पर सुविधा नहीं। यह बढ़ोतरी स्वीकार्य नहीं है।
वर्जन
नगर निकाय व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का लाइसेंस तभी बढ़ा सकता है जब बढ़ोतरी का कोई आधार हो जैसे सुविधा सहूलियत बढ़ाई गई हो। लेकिन यहां बिना कोई सहूलियत बढ़ाए ही लाइसेंस फीस बढ़ाई गई, यह समझ से परे है।
-विजय जायसवाल, कारोबारी
फरेंदा हाईवे से होकर ही अधिकतर बरात घर व निजी अस्पताल संचालित हैं। लेकिन हाईवे का मुख्य नाला महीनों से भरा पड़ा है। इसे साफ कराने की जहमत नहीं उठाई जा रही है।
-फूलचंद्र, कारोबारी
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फरेंदा हाईवे के मुख्य नाले का स्लैब सदर कोतवाली के ठीक सामने टूटी पड़ी है। यह स्थिति दोनों तरफ बनी हुई है लेकिन स्लैब तक दुरुस्त नहीं कराया जा रहा। आखिर व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से किस सुविधा का चार्ज जोड़कर लाइसेंस फीस बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है।
-नवीन पटवा, कारोबारी
10 बेड वाले निजी अस्पतालों के लिए भी लाइसेंस शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव है। जबकि अस्पताल की ओर से स्वयं ही परिसर की साफ-सफाई व कचरा उठान किया जाता है। ऐसे में लाइसेंस फीस बढ़ाना एक प्रकार की मनमानी है।
-विजय पांडेय, सामाजिक कार्यकर्ता