नौतनवा। सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के उत्तरी चौक रेंज के टेढ़ीघाट बीट के जंगल के किनारे बसे गांव सेमरहवा टोला बरतानी में शुक्रवार की रात तेंदुआ दिखा। ग्रामीणों के शोर मचाने के बाद वह जंगल की ओर चला गया। तेंदुए की दहशत में लोग पूरी रात सो नहीं सके।
उत्तरी चौक रेंज के जंगल के किनारे बसे गांव सेमरहवा और चकदह में तेंदुआ कहीं न कहीं दिख जाता है। कभी बकरियों को अपना निवाला बनाता है तो कभी मवेशियों को शिकार बना लेता है। शुक्रवार की देर रात सेमरहवा गांव के बरतानी टोले पर दुर्गेश राजभर के घर के सामने तेंदुआ खड़ा था।
उनकी पत्नी बच्चे को शौच कराने के लिए जगी थीं। जैसे ही दरवाजा खोली तो तेंदुआ खड़ा था। उन्होंने दरवाजा बंद कर शोर मचाया तो ग्रामीण जुट गए। ग्रामीणों के शोर मचाने के बाद तेंदुआ जंगल में चला गया। ग्रामीण दुर्गेश राजभर, अखिलेश राजभर, युद्ध बहादुर थापा, महेंद्र यादव, गणेश आदि लोगों ने बताया कि तेंदुआ रात में लगभग एक बजे गांव में आ गया था। शोर मचाने के बाद जंगल की ओर चला गया।
तेंदुआ के आने से दहशत है कि कहीं किसी पर हमला न कर दे। उत्तरी चौक रेंजर रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ग्रामीणों को जंगली जानवरों से सतर्क रहने के लिए कहा जाता है। बीते तीन माह की बात करें तो सेमरहवा गांव से पूरब बंधे के किनारे चर रही शंभू राजभर की बकरी को दो फरवरी को तेंदुआ जंगल में लेकर चला गया।