सेमरहवा गांव में आम के पेड़ के नीचे बैठकर आराम करते ग्रामीण ।
महराजगंज/नौतनवां। क्षेत्र के सेमरहवा गांव में रविवार की रात तेंदुए ने दो बकरियों को दबोच लिया। दहशत के कारण लोगों ने मवेशियों को घरों के अंदर रात में बांध दिया और खुद पहरेदारी में लग गए। सोमवार सुबह लोग खेतों में काम करने भी नहीं गए।
जानकारी के अनुसार, सेमरहवा गांव भौगोलिक दृष्टि से तीन तरफ से रोहिन और बघेला नदी तथा एक तरफ से जंगल के बीच बसा है। यहां सेमरहवा खास, बरतानी, चराईया, भठवा कुल चार टोले हैं। आबादी लगभग छह हजार है। गांव में जाने का एक मात्र सहारा नाव है। इस गांव में जंगली जानवरों का हमला कोई नई बात नहीं है। मौका देख वह अपना शिकार बना ही लेते हैं। दो सितंबर की सुबह लगभग ग्यारह बजे धान की फसल में निराई कर रही सेमरहवा गांव की शारदा को तेंदुआ अचानक हमला कर दबोच कर जंगल में ले जाकर मार डाला। रविवार को रात में तेंदुआ गोरख की बकरी को घर से उठा ले गया। उसके बाद श्रीपत के बकरे को निशाना बनाया। आवाज सुनकर लोग लाठी-डंडा लेकर एकजुट होकर शोर मचाने लगे तो घायलावस्था में छोड़कर जंगल में चला गया। भयभीत ग्रामीण अपने घरों में दरवाजा बंद करके पड़े थे लेकिन किसी को नींद नहीं आई। बच्चे भी पूरी रात जग कर गुजारे। कुछ लोग छत पर लाठी-डंडा लेकर पहरा देते रहे। बीच-बीच में टार्च जलाकर देखते रहे। गांव में रामकेश ने बताया कि पूरी रात नींद नहीं आई। सुमेर प्रसाद ने बताया कि सोमवार को डर के कारण खेत में काम करने नहीं गया। संगीता देवी ने बताया कि बाहर जाने में डर लग रहा है। लोगों ने तेंदुआ को पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाने की मांग की। उत्तरी चौक रेंज के रेंजर रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गांव में सुरक्षा व्यवस्था के लिए वन कर्मियों को लगाया गया है। गांव के लोगों को जंगल के तरफ न जाने की हिदायत दी गई है।